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भोले के जयकारों से गूंजे शिवालय
Updated Tue, 31 Jul 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
सावन के सोमवार पर पछवादून के शिवालयों में भोर से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। चंद्र तिथि के अनुसार सावन मनाने वाले लोगों का जहां यह पहला सोमवार था, वहीं सूर्य तिथि के अनुसार सावन मनाने वाले लोगों का यह तीसरा सोमवार था। भोर को आरती के बाद शिवालयों के कपाट खुले तो हाथों में गंगाजल, पूजन सामग्री लिए शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। दिनभर बाबा का अभिषेक और शृंगार होता रहा। किसी ने दूध, दही और गंगाजल से अभिषेक किया तो किसी ने फूल, बेल पत्र और धतूरे से भोले बाबा का शृंगार किया। देर रात तक शिव आराधना का क्रम जारी रहा। सबसे ज्यादा भीड़ बाड़वाला स्थित प्राचीन शिव मंदिर, गंगभेवा बावड़ी, कालसी स्थित काली माता मंदिर, विद्यापीठ मार्ग स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में देखने को मिली। अन्य मंदिरों में भी भगवान शिव की पूजा अर्चना का क्रम दिनभर जारी रहा। लोगों ने बाबा के शृंगार के बाद धूप से आरती उतारी। जगह-जगह भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। बाड़वाला स्थित मंदिर में ब्रह्माणों ने हवन में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की। अन्य मंदिरों में भी भजनों की सरिता बहती रही। मंदिरों को फूल-मालाओं और लड़ियों से सजाया गया। डाकपत्थर, विकासनगर, दुर्गा विहार, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई स्थित मंदिरों में भी भोले बाबा के दर्शन को दिनभर श्रद्धालु आते-जाते रहे।
1100 दीपक से भोले की आरती
चकराता। चिंताहरण महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर विशेष संध्या आरती का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में भोले बाबा का विशेष शृंगार कर 1100 दीपकों से आरती उतारी गई। लोगों ने शिवलिंग के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। महाराज सिधेश्वर गिरी ने भोले नाथ की महिमा का गुणगान किया। बाजार स्थित सनातन धर्म मंदिर में भी भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा। इस मौके पर अरविंद कोठारी, सुनील जैन, हरमोहन, संजय गुप्ता, संतराम, बिट्टू, राजेश्वर वर्मा, मुकेश, गुड्डू, धर्म सिंह आदि मौजूद रहे।
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सावन के सोमवार पर पछवादून के शिवालयों में भोर से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। चंद्र तिथि के अनुसार सावन मनाने वाले लोगों का जहां यह पहला सोमवार था, वहीं सूर्य तिथि के अनुसार सावन मनाने वाले लोगों का यह तीसरा सोमवार था। भोर को आरती के बाद शिवालयों के कपाट खुले तो हाथों में गंगाजल, पूजन सामग्री लिए शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। दिनभर बाबा का अभिषेक और शृंगार होता रहा। किसी ने दूध, दही और गंगाजल से अभिषेक किया तो किसी ने फूल, बेल पत्र और धतूरे से भोले बाबा का शृंगार किया। देर रात तक शिव आराधना का क्रम जारी रहा। सबसे ज्यादा भीड़ बाड़वाला स्थित प्राचीन शिव मंदिर, गंगभेवा बावड़ी, कालसी स्थित काली माता मंदिर, विद्यापीठ मार्ग स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में देखने को मिली। अन्य मंदिरों में भी भगवान शिव की पूजा अर्चना का क्रम दिनभर जारी रहा। लोगों ने बाबा के शृंगार के बाद धूप से आरती उतारी। जगह-जगह भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। बाड़वाला स्थित मंदिर में ब्रह्माणों ने हवन में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की। अन्य मंदिरों में भी भजनों की सरिता बहती रही। मंदिरों को फूल-मालाओं और लड़ियों से सजाया गया। डाकपत्थर, विकासनगर, दुर्गा विहार, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई स्थित मंदिरों में भी भोले बाबा के दर्शन को दिनभर श्रद्धालु आते-जाते रहे।
1100 दीपक से भोले की आरती
चकराता। चिंताहरण महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर विशेष संध्या आरती का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में भोले बाबा का विशेष शृंगार कर 1100 दीपकों से आरती उतारी गई। लोगों ने शिवलिंग के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। महाराज सिधेश्वर गिरी ने भोले नाथ की महिमा का गुणगान किया। बाजार स्थित सनातन धर्म मंदिर में भी भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा। इस मौके पर अरविंद कोठारी, सुनील जैन, हरमोहन, संजय गुप्ता, संतराम, बिट्टू, राजेश्वर वर्मा, मुकेश, गुड्डू, धर्म सिंह आदि मौजूद रहे।
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