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61 घंटे बाद शुरू हुआ बिजली उत्पादन
Updated Tue, 31 Jul 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,विकासनगर
टोंस और यमुना नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से पछवादून की चार जल विद्युत परियोजनाओं में ठप हुआ बिजली उत्पादन सोमवार को 61 घंटे बाद शुरू हो गया। बिजली उत्पादन शुरू होने से बिजली की कमी की मार से जूझ रहे राज्य को राहत मिली।
बीते शुक्रवार की शाम तेज बारिश के बीच टोंस और यमुना नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से शाम सात बजे 33.72 मेगावाट के ढकरानी, 51 मेगावाट के ढालीपुर पावर हाउस, 120 मेगावाट के खोदरी और 240 मेगावाट के छिबरो पावर हाउस में बिजली का उत्पादन ठप हो गया था। डाकपत्थर बैराज से लगातार फ्लड को पास किया जा रहा था। ऐसे में सोमवार सुबह 7:30 बजे पानी का जल स्तर कम होने के बाद चारों बिजली परियोजनाओं में उत्पादन शुरू किया जा सका। इन तीन दिनों में डाकपत्थर बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी को यमुना नदी में छोड़ा गया।
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टोंस और यमुना नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से पछवादून की चार जल विद्युत परियोजनाओं में ठप हुआ बिजली उत्पादन सोमवार को 61 घंटे बाद शुरू हो गया। बिजली उत्पादन शुरू होने से बिजली की कमी की मार से जूझ रहे राज्य को राहत मिली।
बीते शुक्रवार की शाम तेज बारिश के बीच टोंस और यमुना नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से शाम सात बजे 33.72 मेगावाट के ढकरानी, 51 मेगावाट के ढालीपुर पावर हाउस, 120 मेगावाट के खोदरी और 240 मेगावाट के छिबरो पावर हाउस में बिजली का उत्पादन ठप हो गया था। डाकपत्थर बैराज से लगातार फ्लड को पास किया जा रहा था। ऐसे में सोमवार सुबह 7:30 बजे पानी का जल स्तर कम होने के बाद चारों बिजली परियोजनाओं में उत्पादन शुरू किया जा सका। इन तीन दिनों में डाकपत्थर बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी को यमुना नदी में छोड़ा गया।
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