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उतराखंड से छोड़े जा रहे पानी ने बढ़ाई दिल्ली, हरियाणा की चिंता
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:48 AM IST
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- उत्तराखंड से छोड़े जा रहे पानी ने बढ़ाई दिल्ली, हरियाणा की चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर। पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी मैदान में भी कहर बरपा सकता है। डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में लगातार छोडे़ जा रहे पानी से हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसकी जानकारी होते ही हरियाणा के अधिकारियों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। डाकपत्थर बैराज से शुक्रवार शाम छह बजे से 24 घंटे में 1.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, जिससे हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज में पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा है।
इस पर हरियाणा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजीव बंसल ने शुक्रवार को डाकपत्थर पहुंच कर उत्तराखंड जल विद्युत निगम के जीएम इरशाद अली से मुलाकात की थी। उन्होंने यमुना में लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर कहा कि डाकपत्थर बैराज से लगातार यमुना नदी में छोड़े जा रहे पानी से हथिनीकुंड बैराज और आसपास के इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में यदि उन्हें समय रहते यहां नदी से छोडे़ जा रहे पानी के बारे में जानकारी मिल जाए तो वह समय रहते बाढ़ से बचाव के उपाय कर सकते हैं। जिस पर निगम के अधिकारियों ने उन्हें मदद और सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य अभियंता ने डाकपत्थर बैराज में यूजेवीएनएल के अधिकारियों से जानकारी ली।
व्हाट्सएप ग्रुप से होगा सूचना का आदान प्रदान
बैठक में आपसी विचार विमर्श के बाद अधिकारियों ने अपडेट रहने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है। जिसमें दिल्ली जल बोर्ड, हरियाणा सिंचाई विभाग और यूजेवीएनएल से संबंधित विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर। पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी मैदान में भी कहर बरपा सकता है। डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में लगातार छोडे़ जा रहे पानी से हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसकी जानकारी होते ही हरियाणा के अधिकारियों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। डाकपत्थर बैराज से शुक्रवार शाम छह बजे से 24 घंटे में 1.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, जिससे हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज में पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा है।
इस पर हरियाणा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजीव बंसल ने शुक्रवार को डाकपत्थर पहुंच कर उत्तराखंड जल विद्युत निगम के जीएम इरशाद अली से मुलाकात की थी। उन्होंने यमुना में लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर कहा कि डाकपत्थर बैराज से लगातार यमुना नदी में छोड़े जा रहे पानी से हथिनीकुंड बैराज और आसपास के इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में यदि उन्हें समय रहते यहां नदी से छोडे़ जा रहे पानी के बारे में जानकारी मिल जाए तो वह समय रहते बाढ़ से बचाव के उपाय कर सकते हैं। जिस पर निगम के अधिकारियों ने उन्हें मदद और सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य अभियंता ने डाकपत्थर बैराज में यूजेवीएनएल के अधिकारियों से जानकारी ली।
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व्हाट्सएप ग्रुप से होगा सूचना का आदान प्रदान
बैठक में आपसी विचार विमर्श के बाद अधिकारियों ने अपडेट रहने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है। जिसमें दिल्ली जल बोर्ड, हरियाणा सिंचाई विभाग और यूजेवीएनएल से संबंधित विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
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