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ट्रांसपोटरों की हड़ताल से कंपनियों को करोड़ों का नुकसान
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, सेलाकुई।
विभिन्न मांगों को लेकर सेलाकुई-पछवादून ट्रक ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। ट्रांसपोर्टरों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। साथ ही मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। हड़ताल के कारण बीते चार दिनों से औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई स्थित कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा घाटा छोटी कंपनियों को हो रहा है। सोमवार को भी ट्रांसपोर्टरों ने न तो माल का ढुलान किया और न ही बाहर से आए ट्रकों से सामान उतरने दिया।
एसोसिएशन के सचिव नवीन जायसवाल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार आए दिन नए नियम लादकर चालकों और मालिकों का उत्पीड़न कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जब तक सरकार टोल बैरियर समाप्त करने समेत रोड सेफ्टी बिल जैसे जटिल कानूनों में संशोधन नहीं कर देती आंदोलन जारी रहेगा।
मालूम हो कि ट्रांसपोर्टर टोल बैरियर समाप्त करने, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में टीडीएस समाप्त करने, बसों और पर्यटक वाहनों के नेशनल परमिट जारी करने, डॉयरेक्ट पोर्ट डिलिवरी यानी डीपीपी को समाप्त करने, रोड सेफ्टी बिल में संशोधन, तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता के साथ ही जीएसटी में छूट और डीजल की कीमतें कम करने की मांग को लेकर ट्रांसपोर्टर आंदोलनरत हैं।
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प्रदर्शन करने वालों में सुनील रोहिला, पुष्पेंद्र कुमार, सरदार सुरजीत सिंह, सुल्तान खान, गुलफाम अली, कुर्बान अली, मोहम्मद अनीस, हजरत सूफी शरीफ, अहमद, नवतेज कुमार आदि शामिल रहे।
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विभिन्न मांगों को लेकर सेलाकुई-पछवादून ट्रक ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। ट्रांसपोर्टरों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। साथ ही मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। हड़ताल के कारण बीते चार दिनों से औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई स्थित कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा घाटा छोटी कंपनियों को हो रहा है। सोमवार को भी ट्रांसपोर्टरों ने न तो माल का ढुलान किया और न ही बाहर से आए ट्रकों से सामान उतरने दिया।
एसोसिएशन के सचिव नवीन जायसवाल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार आए दिन नए नियम लादकर चालकों और मालिकों का उत्पीड़न कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जब तक सरकार टोल बैरियर समाप्त करने समेत रोड सेफ्टी बिल जैसे जटिल कानूनों में संशोधन नहीं कर देती आंदोलन जारी रहेगा।
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मालूम हो कि ट्रांसपोर्टर टोल बैरियर समाप्त करने, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में टीडीएस समाप्त करने, बसों और पर्यटक वाहनों के नेशनल परमिट जारी करने, डॉयरेक्ट पोर्ट डिलिवरी यानी डीपीपी को समाप्त करने, रोड सेफ्टी बिल में संशोधन, तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता के साथ ही जीएसटी में छूट और डीजल की कीमतें कम करने की मांग को लेकर ट्रांसपोर्टर आंदोलनरत हैं।
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प्रदर्शन करने वालों में सुनील रोहिला, पुष्पेंद्र कुमार, सरदार सुरजीत सिंह, सुल्तान खान, गुलफाम अली, कुर्बान अली, मोहम्मद अनीस, हजरत सूफी शरीफ, अहमद, नवतेज कुमार आदि शामिल रहे।