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हड़ताल से 2300 वाहनों के पहिए थमे
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:00 AM IST
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2300 वाहनों के थमे पहिए, यातायात ठप
- पर्वतीय और मैदानी इलाकों में संचालित बसों से लेकर टैक्सी-मैक्सी, मालवाहक वाहन सभी रहे बंद
- ट्रैकर यूनियनों की हड़ताल के कारण स्टैंडों पर खड़े रहे वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। उत्तराखंड परिवहन महासंघ की हड़ताल से शुक्रवार को नौ निजी परिवहन कंपनियों और संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति से जुड़े लगभाग 2300 वाहनों के पहिए थम गए। इस दौरान पर्वतीय और मैदानी इलाकों में संचालित बसों से लेकर टैक्सी-मैक्सी, ट्रैकर यूनियनों की हड़ताल के चलते स्टैंडों पर खड़े रहे।
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया की विभिन्न निजी परिवहन कंपनियों की बसें लोकल रूटों और चारधाम यात्रा में संचालित होती हैं। हड़ताल के चलते लगभग सभी बसें जहां-तहां अपने स्थानों पर खड़ी रहीं। वहीं ट्रैकर यूनियन के अध्यक्ष भगवान सिंह राणा ने बताया कि विभिन्न मार्गों पर चलने वाले ट्रैकर, मैक्स, कमांडर वाहन, टैक्सी, बड़े-छोटे मालवाहक वाहन, थ्रीव्हीलर, ऑटो हड़ताल के कारण शुक्रवार को नहीं चल पाए।
इतने वाहन रहे बंद
1. बस - 1200
2. मैक्स, कंमाडर - 300
3. टैक्सी - 170
4. मालवाहक - 800
5. थ्रीव्हीलर, ऑटो - 800
हड़ताल से 85.5 लाख रुपये का नुकसान
महज एक दिन की परिवहन महासंघ की हड़ताल से अकेले नगर क्षेत्र में सवारी वाहनों से करीब 84.5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की बसों का संचालन नहीं होने से लगभग 36 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष केएस तड़ियाल के अनुसार हड़ताल से लगभग दो लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। ट्रैकर यूनियन को डेढ़ लाख की क्षति हुई है। जबकि ट्रक यूनियन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा के अनुसार मालवाहक वाहनों के नहीं चलने से करीब 40 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं शहर थ्रीव्हीलर ऑटो वाहनों का संचालन नहीं होने से करीब पांच लाख का नुकसान उठाना पड़ा है।
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- पर्वतीय और मैदानी इलाकों में संचालित बसों से लेकर टैक्सी-मैक्सी, मालवाहक वाहन सभी रहे बंद
- ट्रैकर यूनियनों की हड़ताल के कारण स्टैंडों पर खड़े रहे वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। उत्तराखंड परिवहन महासंघ की हड़ताल से शुक्रवार को नौ निजी परिवहन कंपनियों और संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति से जुड़े लगभाग 2300 वाहनों के पहिए थम गए। इस दौरान पर्वतीय और मैदानी इलाकों में संचालित बसों से लेकर टैक्सी-मैक्सी, ट्रैकर यूनियनों की हड़ताल के चलते स्टैंडों पर खड़े रहे।
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया की विभिन्न निजी परिवहन कंपनियों की बसें लोकल रूटों और चारधाम यात्रा में संचालित होती हैं। हड़ताल के चलते लगभग सभी बसें जहां-तहां अपने स्थानों पर खड़ी रहीं। वहीं ट्रैकर यूनियन के अध्यक्ष भगवान सिंह राणा ने बताया कि विभिन्न मार्गों पर चलने वाले ट्रैकर, मैक्स, कमांडर वाहन, टैक्सी, बड़े-छोटे मालवाहक वाहन, थ्रीव्हीलर, ऑटो हड़ताल के कारण शुक्रवार को नहीं चल पाए।
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इतने वाहन रहे बंद
1. बस - 1200
2. मैक्स, कंमाडर - 300
3. टैक्सी - 170
4. मालवाहक - 800
5. थ्रीव्हीलर, ऑटो - 800
हड़ताल से 85.5 लाख रुपये का नुकसान
महज एक दिन की परिवहन महासंघ की हड़ताल से अकेले नगर क्षेत्र में सवारी वाहनों से करीब 84.5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की बसों का संचालन नहीं होने से लगभग 36 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष केएस तड़ियाल के अनुसार हड़ताल से लगभग दो लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। ट्रैकर यूनियन को डेढ़ लाख की क्षति हुई है। जबकि ट्रक यूनियन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा के अनुसार मालवाहक वाहनों के नहीं चलने से करीब 40 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं शहर थ्रीव्हीलर ऑटो वाहनों का संचालन नहीं होने से करीब पांच लाख का नुकसान उठाना पड़ा है।
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