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लक्कड़घाट में गंगा से हो रहा अवैध खनन
Updated Fri, 20 Jul 2018 02:08 AM IST
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लब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
लक्कड़घाट क्षेत्र में गंगा के तटों से अवैध खनन कार्य पर रोक नहीं लग पा रही है। यह स्थिति तब है जबकि क्षेत्र के नागरिकों प्रशासन, खनन विभाग व वन विभाग से लगातार जारी खनन पर रोक लगाने और यहां सक्रिय खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते आ रहे हैं। बावजूद इसके गंगा में जारी अवैध खनन से तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक और वन महकमा बाखबर है, फिर भी इस पर अंकुश लगाने की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
श्यामपुर के लक्कड़घाट क्षेत्र में गंगा किनारे से काफी समय से लगातार खनन कार्य जारी है। खनन माफिया की ओर से यहां से बिना अनुमति के ट्रैक्टर ट्रॉलियों के जरिए खनन सामग्री का उठान किया जा रहा है। बताया कि क्षेत्र में रात के समय खनन माफिया की ट्रैक्टर ट्रॉलियों के शोर शराबे से स्थानीय लोग परेशान हैं। ग्राम पंचायत खदरी खड़कमाफ की पूर्व पंचायत सदस्य प्रमिला देवी की ओर से गंगा से किए जा रहे अवैध खनन की शिकायत तहसील प्रशासन से लेकर वन विभाग तक से कई बार की जा चुकी है, बावजूद इसके जिम्मेदार महकमा इसका संज्ञान लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने इस मामले में सरकारी महकमों की खनन माफिया से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
वन-खनिज विभाग की रिपोर्ट में समानता नहीं
जांच के दौरान वन क्षेत्राधिकारी की ओर से बताया गया है कि वीरभद्र लक्कड़घाट क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्र के निरीक्षण में लक्कड़घाट में नदी के किनारे अधिक मात्रा में अवैध खनन होना पाया गया। रेंज अधिकारी की ओर से अनुभाग अधिकारी लालपानी व वन बीट प्रभारी वीरभद्र बीट के बाबत टिप्पणी की गई है कि इस बाबत पूर्व में भी उन्हें कई दफा मौखिक व लिखित तौर पर अवैध खनन को रोकने के निर्देश दिए गए, मगर निर्देश की अवहेलना की गई है। उधर, उपजिलाधिकारी के निर्देश पर की गई जांच के बाद खनिज मोहर्रिर कुमेर सिंह एसडीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में बताते हैं कि कुछ माह पूर्व तक सुरेंद्र चौधरी व राजू नामक व्यक्ति लक्कड़घाट में गंगा नदी से रात के समय खनन सामग्री निकालते हैं। उक्त दोनों व्यक्तियों की भूमि नदी से लगी हुई है। गंगा के किनारे खाई खोदी गई है, उक्त स्थल पर समय-समय पर निगरानी रखी जाती है।
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लक्कड़घाट क्षेत्र में गंगा के तटों से अवैध खनन कार्य पर रोक नहीं लग पा रही है। यह स्थिति तब है जबकि क्षेत्र के नागरिकों प्रशासन, खनन विभाग व वन विभाग से लगातार जारी खनन पर रोक लगाने और यहां सक्रिय खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते आ रहे हैं। बावजूद इसके गंगा में जारी अवैध खनन से तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक और वन महकमा बाखबर है, फिर भी इस पर अंकुश लगाने की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
श्यामपुर के लक्कड़घाट क्षेत्र में गंगा किनारे से काफी समय से लगातार खनन कार्य जारी है। खनन माफिया की ओर से यहां से बिना अनुमति के ट्रैक्टर ट्रॉलियों के जरिए खनन सामग्री का उठान किया जा रहा है। बताया कि क्षेत्र में रात के समय खनन माफिया की ट्रैक्टर ट्रॉलियों के शोर शराबे से स्थानीय लोग परेशान हैं। ग्राम पंचायत खदरी खड़कमाफ की पूर्व पंचायत सदस्य प्रमिला देवी की ओर से गंगा से किए जा रहे अवैध खनन की शिकायत तहसील प्रशासन से लेकर वन विभाग तक से कई बार की जा चुकी है, बावजूद इसके जिम्मेदार महकमा इसका संज्ञान लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने इस मामले में सरकारी महकमों की खनन माफिया से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
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वन-खनिज विभाग की रिपोर्ट में समानता नहीं
जांच के दौरान वन क्षेत्राधिकारी की ओर से बताया गया है कि वीरभद्र लक्कड़घाट क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्र के निरीक्षण में लक्कड़घाट में नदी के किनारे अधिक मात्रा में अवैध खनन होना पाया गया। रेंज अधिकारी की ओर से अनुभाग अधिकारी लालपानी व वन बीट प्रभारी वीरभद्र बीट के बाबत टिप्पणी की गई है कि इस बाबत पूर्व में भी उन्हें कई दफा मौखिक व लिखित तौर पर अवैध खनन को रोकने के निर्देश दिए गए, मगर निर्देश की अवहेलना की गई है। उधर, उपजिलाधिकारी के निर्देश पर की गई जांच के बाद खनिज मोहर्रिर कुमेर सिंह एसडीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में बताते हैं कि कुछ माह पूर्व तक सुरेंद्र चौधरी व राजू नामक व्यक्ति लक्कड़घाट में गंगा नदी से रात के समय खनन सामग्री निकालते हैं। उक्त दोनों व्यक्तियों की भूमि नदी से लगी हुई है। गंगा के किनारे खाई खोदी गई है, उक्त स्थल पर समय-समय पर निगरानी रखी जाती है।
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