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कांवड़ यात्रा : डेडलाइन खत्म, व्यवस्थाएं अधूरी
Updated Fri, 20 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा अगले सप्ताह से शुरू होने जा रही है, लेकिन प्रशासन यात्रा के केंद्र नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में अभी तक यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर कहीं सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को जुटाने के लिए दी गई डेडलाइन आज समाप्त हो रही है, बावजूद इसके मेला व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन मॉनिटरिंग भी नहीं कर पाया है। स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा निगम, जल संस्थान, जिला पंचायत समेत विभिन्न महकमों ने अपनी व्यवस्थाएं बनानी शुरू भी नहीं की हैं।
27 जुुुुलाई गुरु पूर्णिमा पर्व से इस साल की श्रावण मास की नीलकंठ कांवड़ यात्रा शुरू होनी है। लाखों श्रद्धालुओं से जुड़े इस मेले की व्यवस्थाओं को लेकर अभी तक मेला क्षेत्र में सरकारी महकमों की कहीं कोई सक्रियता नहीं है। यह स्थिति तब है जबकि कांवड़ मेला व्यवस्थाओं को लेकर बीती चार जुलाई को हुई बैठक में जिलाधिकारी पौड़ी की ओर से सभी महकमों से 20 जुलाई तक संबंधित व्यवस्थाएं जुटाने के निर्देश दिए गए थे। जिला व तहसील प्रशासन की अनदेखी के कारण हर साल की तरह इस वर्ष भी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला से नीलकंठ धाम तक अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ेगा।
मंदिर समिति ने शुरू किया कार्य
नीलकंठ मंदिर समिति ने मेला क्षेत्र में अपने हिस्से की व्यवस्थाएं जुटानी शुरू कर दी हैं। मंदिर समिति के सचिव धन सिंह राणा ने बताया कि समिति की ओर से मंदिर परिसर से पुंडरासू तक दो किमी. क्षेत्र व मंदिर से टैक्सी यूनियन पार्किंग तक पथ प्रकाश की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 14 सीसीटीवी कैमरे लगाने और मंदिर से पैदल मार्ग पर राजकीय प्राइमरी पाठशाला तक और मुख्य मार्ग पर मंदिर से ज्योर्तिमय मंदिर तक साउंड सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसमें दो से तीन दिन का समय लगेगा। इसके अलावा पैदल मार्ग पर मंदिर परिसर से हनुमानगढ़ धर्मशाला तक करीब 800 मीटर क्षेत्र में बैरिकेडिंग का कार्य भी किया जा रहा है।
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नीलकंठ क्षेत्र में यह हैं समस्याएं
1. जल संस्थान ने स्टेंडपोस्टों से पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं करवाई, जिससे कांवडियों को पानी के लिए तरसना पड़ेगा।
2. नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में भी विभाग द्वारा बिछाई जाने वाली करीब दो किमी. पेयजल लाइन का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
3. क्षेत्र में जिला पंचायत को जिला पंचायत पार्किंग से मौन गांव व टैक्सी यूनियन पार्किंग तक पथ प्रकाश की व्यवस्था करनी है, यह व्यवस्था भी अभी कहीं नजर नहीं आ रही है, ऊर्जा निगम को इसके लिए जिला पंचायत को कनेक्शन जारी करना है।
4. ऊर्जा निगम को क्षेत्र में खराब बिजली लाइनों की मरम्मत करनी थी, जोकि नहीं करवाई।
5. स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नीलकंठ मंदिर परिसर, पैदल मार्ग स्थित मौनीबाबा गुफा आदि स्थानों पर अपनी डिस्पेंसरी स्थापित नहीं की हैं।
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श्रावण मास की कांवड़ यात्रा अगले सप्ताह से शुरू होने जा रही है, लेकिन प्रशासन यात्रा के केंद्र नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में अभी तक यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर कहीं सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को जुटाने के लिए दी गई डेडलाइन आज समाप्त हो रही है, बावजूद इसके मेला व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन मॉनिटरिंग भी नहीं कर पाया है। स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा निगम, जल संस्थान, जिला पंचायत समेत विभिन्न महकमों ने अपनी व्यवस्थाएं बनानी शुरू भी नहीं की हैं।
27 जुुुुलाई गुरु पूर्णिमा पर्व से इस साल की श्रावण मास की नीलकंठ कांवड़ यात्रा शुरू होनी है। लाखों श्रद्धालुओं से जुड़े इस मेले की व्यवस्थाओं को लेकर अभी तक मेला क्षेत्र में सरकारी महकमों की कहीं कोई सक्रियता नहीं है। यह स्थिति तब है जबकि कांवड़ मेला व्यवस्थाओं को लेकर बीती चार जुलाई को हुई बैठक में जिलाधिकारी पौड़ी की ओर से सभी महकमों से 20 जुलाई तक संबंधित व्यवस्थाएं जुटाने के निर्देश दिए गए थे। जिला व तहसील प्रशासन की अनदेखी के कारण हर साल की तरह इस वर्ष भी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला से नीलकंठ धाम तक अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ेगा।
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मंदिर समिति ने शुरू किया कार्य
नीलकंठ मंदिर समिति ने मेला क्षेत्र में अपने हिस्से की व्यवस्थाएं जुटानी शुरू कर दी हैं। मंदिर समिति के सचिव धन सिंह राणा ने बताया कि समिति की ओर से मंदिर परिसर से पुंडरासू तक दो किमी. क्षेत्र व मंदिर से टैक्सी यूनियन पार्किंग तक पथ प्रकाश की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 14 सीसीटीवी कैमरे लगाने और मंदिर से पैदल मार्ग पर राजकीय प्राइमरी पाठशाला तक और मुख्य मार्ग पर मंदिर से ज्योर्तिमय मंदिर तक साउंड सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसमें दो से तीन दिन का समय लगेगा। इसके अलावा पैदल मार्ग पर मंदिर परिसर से हनुमानगढ़ धर्मशाला तक करीब 800 मीटर क्षेत्र में बैरिकेडिंग का कार्य भी किया जा रहा है।
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नीलकंठ क्षेत्र में यह हैं समस्याएं
1. जल संस्थान ने स्टेंडपोस्टों से पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं करवाई, जिससे कांवडियों को पानी के लिए तरसना पड़ेगा।
2. नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में भी विभाग द्वारा बिछाई जाने वाली करीब दो किमी. पेयजल लाइन का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
3. क्षेत्र में जिला पंचायत को जिला पंचायत पार्किंग से मौन गांव व टैक्सी यूनियन पार्किंग तक पथ प्रकाश की व्यवस्था करनी है, यह व्यवस्था भी अभी कहीं नजर नहीं आ रही है, ऊर्जा निगम को इसके लिए जिला पंचायत को कनेक्शन जारी करना है।
4. ऊर्जा निगम को क्षेत्र में खराब बिजली लाइनों की मरम्मत करनी थी, जोकि नहीं करवाई।
5. स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नीलकंठ मंदिर परिसर, पैदल मार्ग स्थित मौनीबाबा गुफा आदि स्थानों पर अपनी डिस्पेंसरी स्थापित नहीं की हैं।