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सड़क निर्माण की मांग पर भविष्य बदरी के ग्रामीणों ने ढोल-दामांऊ के साथ किया प्रदर्शन-compat
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:40 PM IST
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जोशीमठ। 18 वर्षों में भी आठ किमी. लंबी तपोवन-रिंगी-भविष्यबदरी सड़क नहीं बनी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की इस सुस्ती पर आक्रोश जताते हुए ढोल-दमाऊं के साथ नगर और तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होता है, आंदोलन जारी रखा जाएगा। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
बुधवार को भविष्यबदरी संघर्ष समिति के नेतृत्व में सुभांई, भविष्य बदरी, तोलमा, सुरांईथोटा, पेंग गांव के ग्रामीण पूर्वाह्न ग्यारह बजे बदरीनाथ चौराहे पर इकट्ठा हुए। यहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नगर क्षेत्र से होते हुए आंदोलनकारी तहसील परिसर पहुंचे। यहां हुई सभा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि आठ किलोमीटर तपोवन-रिंगी-भविष्यबदरी सड़क वर्ष 2000 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन इन 18 वर्षों में रिंगी गांव तक मात्र चार किलोमीटर सड़क का ही निर्माण कार्य हो पाया है। पूर्व में सड़क का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा था। वर्ष 2017 में लोनिवि की सुस्त कार्य प्रणाली को देखते हुए निर्माण कार्य पीएमजीएसवाई को सौंप दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने पर भी सड़क का निर्माण कार्य चार किलोमीटर से आगे नहीं बढ़ पाया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य शुरू न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इस दौरान रणजीत लाल, पूर्ण सिंह, महेंद्र सिंह, दीपक रावत, संदीप, कैलाश, पर्मिला देवी, सतेश्वरी देवी, देवेश्वरी, कल्पेश्वरी, कमला, ऊषा, सुमन, संग्राम सिंह आदि मौजूद थे।
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बुधवार को भविष्यबदरी संघर्ष समिति के नेतृत्व में सुभांई, भविष्य बदरी, तोलमा, सुरांईथोटा, पेंग गांव के ग्रामीण पूर्वाह्न ग्यारह बजे बदरीनाथ चौराहे पर इकट्ठा हुए। यहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नगर क्षेत्र से होते हुए आंदोलनकारी तहसील परिसर पहुंचे। यहां हुई सभा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि आठ किलोमीटर तपोवन-रिंगी-भविष्यबदरी सड़क वर्ष 2000 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन इन 18 वर्षों में रिंगी गांव तक मात्र चार किलोमीटर सड़क का ही निर्माण कार्य हो पाया है। पूर्व में सड़क का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा था। वर्ष 2017 में लोनिवि की सुस्त कार्य प्रणाली को देखते हुए निर्माण कार्य पीएमजीएसवाई को सौंप दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने पर भी सड़क का निर्माण कार्य चार किलोमीटर से आगे नहीं बढ़ पाया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य शुरू न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इस दौरान रणजीत लाल, पूर्ण सिंह, महेंद्र सिंह, दीपक रावत, संदीप, कैलाश, पर्मिला देवी, सतेश्वरी देवी, देवेश्वरी, कल्पेश्वरी, कमला, ऊषा, सुमन, संग्राम सिंह आदि मौजूद थे।
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