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पुल का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त होने से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे ग्रामीण और स्कूली बच्चे
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:40 PM IST
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घाट (चमोली)। चुफलागाड गदेरे पर बना झूला पुल का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त होने से लोग रस्सी के सहारे सीढ़ी चढ़कर गदेरा पार करने को मजबूर हैं। लोनिवि के अधिकारियों ने बजट की कमी का हवाला देते हुए वैकल्पिक मार्ग निर्माण से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मुसीबत कम होती नहीं दिख रही है।
ग्राम पंचायत भेंटी, कठूड़ा, लांखी और बांजबगड़ गांव को जोड़ने वाला यह एकमात्र पैदल मार्ग है। छात्र-छात्राएं इसी पैदल पुल से जीआईसी बांजबगड़ जाते हैं। 14 जुलाई को भारी बारिश के दौरान चुफलागाड गदेरे का जल स्तर बढ़ने से पुल के एक हिस्से का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। लोगों की परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने गदेरा पार करने को लकड़ी की सीढ़ी बनाई। अब छात्र-छात्राएं और अन्य ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे सीढ़ी चढ़कर नदी को पार कर रहे हैं। लोनिवि कर्णप्रयाग के ईई अशोक नैथानी का कहना है कि पुल के एप्रोच मार्ग के निर्माण के लिए स्टीमेट बनाया जा रहा है। अभी बजट की कमी के कारण वैकल्पिक मार्ग निर्माण करना संभव नहीं है।
ग्राम पंचायत भेंटी, कठूड़ा, लांखी और बांजबगड़ गांव को जोड़ने वाला यह एकमात्र पैदल मार्ग है। छात्र-छात्राएं इसी पैदल पुल से जीआईसी बांजबगड़ जाते हैं। 14 जुलाई को भारी बारिश के दौरान चुफलागाड गदेरे का जल स्तर बढ़ने से पुल के एक हिस्से का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। लोगों की परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने गदेरा पार करने को लकड़ी की सीढ़ी बनाई। अब छात्र-छात्राएं और अन्य ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे सीढ़ी चढ़कर नदी को पार कर रहे हैं। लोनिवि कर्णप्रयाग के ईई अशोक नैथानी का कहना है कि पुल के एप्रोच मार्ग के निर्माण के लिए स्टीमेट बनाया जा रहा है। अभी बजट की कमी के कारण वैकल्पिक मार्ग निर्माण करना संभव नहीं है।
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