{"_id":"5b4d04124f1c1b3b5a8b543c","slug":"15317739671-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृतक भी हैं समिति के वोटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मृतक भी हैं समिति के वोटर
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया।
बहुउद्देशीय दीर्घाकार सहकारिता समिति लिमिटेड साहिया में 24 जुलाई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न होनी है। लेकिन समिति वोटर लिस्ट को दुरुस्त किए बिना ही चुनाव कराने जा रही है। इससे चुनाव की विश्वनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
वोटर लिस्ट में कई ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जिनकी सालों पहले मौत हो चुकी है। जबकि, कई नए लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारी चुनाव से पूर्व लिस्ट को दुरुस्त करने की बात कर रहे हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब बीती 14 जुलाई को थेत्यो निवासी और बमराड़ के ग्राम प्रधान रणवीर सिंह चौहान अपने वॉर्ड से नामांकन करने सोसाइटी के साहिया कार्यालय पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि उनका नाम लिस्ट में नहीं है। जबकि, उनके पास सोसाइटी की पास बुक और अन्य जरूरी सभी दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट की जांच की तो पता चला कि लिस्ट में कई ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं। जिनकी कई सालों पूर्व मौत हो चुकी है।
चौहान ने बताया कि समिति में कुल 11वार्ड हैं। इसमें 26 गांवों के कुल 815 वोटर हैं। लेकिन इन वोटरों में 50% वोटरों की कई साल पहले मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि छानू (95) पुत्र नंदा निवासी थैत्यो की 10 साल पूर्व मौत हो चुकी है, लेकिन सूची में अब भी उनका नाम दर्ज है। यही नहीं मृतक छानू के पिता भी समिति के वोटर हैं। इसी तरह प्रभु पुत्र घसीटू की भी 13 साल पहले मौत हो चुकी है। लेकिन उसका नाम भी वोटर लिस्ट में अंकित है। अलसी निवासी केशर सिंह पुत्र गंगा राम 25 साल पूर्व दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। उनका नाम भी सूची में है। इसी तरह कई अन्य मृतकों के नाम सूची में शामिल हैं, जबकि कनबुआ वार्ड निवासी रामू पुत्र वीर सिंह, ढटिया पुत्र गंगा राम, जोगराम पुत्र शीशराम, कुंवर सिंह पुत्र राम सिंह, नंदराम पुत्र श्याम चंद आदि का नाम लिस्ट से गायब है।
विज्ञापन
ग्रामीण रणवीर सिंह चौहान, जनक सिंह चौहान, टीकम सिंह बिष्ट, सरदार सिंह आदि का कहना है कि सचिव की लापरवाही के चलते वोटर लिस्ट दुरुस्त नहीं है। मामले की जांच होनी चाहिए।
मामले मेें एआर रघुवीर सिंह ने बताया की वास्तव में यह बहुत बड़ी गलती है। मृतकों के नाम सूची से हटाए जाएंगे।
विज्ञापन
बहुउद्देशीय दीर्घाकार सहकारिता समिति लिमिटेड साहिया में 24 जुलाई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न होनी है। लेकिन समिति वोटर लिस्ट को दुरुस्त किए बिना ही चुनाव कराने जा रही है। इससे चुनाव की विश्वनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
वोटर लिस्ट में कई ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जिनकी सालों पहले मौत हो चुकी है। जबकि, कई नए लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारी चुनाव से पूर्व लिस्ट को दुरुस्त करने की बात कर रहे हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब बीती 14 जुलाई को थेत्यो निवासी और बमराड़ के ग्राम प्रधान रणवीर सिंह चौहान अपने वॉर्ड से नामांकन करने सोसाइटी के साहिया कार्यालय पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि उनका नाम लिस्ट में नहीं है। जबकि, उनके पास सोसाइटी की पास बुक और अन्य जरूरी सभी दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट की जांच की तो पता चला कि लिस्ट में कई ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं। जिनकी कई सालों पूर्व मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
चौहान ने बताया कि समिति में कुल 11वार्ड हैं। इसमें 26 गांवों के कुल 815 वोटर हैं। लेकिन इन वोटरों में 50% वोटरों की कई साल पहले मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि छानू (95) पुत्र नंदा निवासी थैत्यो की 10 साल पूर्व मौत हो चुकी है, लेकिन सूची में अब भी उनका नाम दर्ज है। यही नहीं मृतक छानू के पिता भी समिति के वोटर हैं। इसी तरह प्रभु पुत्र घसीटू की भी 13 साल पहले मौत हो चुकी है। लेकिन उसका नाम भी वोटर लिस्ट में अंकित है। अलसी निवासी केशर सिंह पुत्र गंगा राम 25 साल पूर्व दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। उनका नाम भी सूची में है। इसी तरह कई अन्य मृतकों के नाम सूची में शामिल हैं, जबकि कनबुआ वार्ड निवासी रामू पुत्र वीर सिंह, ढटिया पुत्र गंगा राम, जोगराम पुत्र शीशराम, कुंवर सिंह पुत्र राम सिंह, नंदराम पुत्र श्याम चंद आदि का नाम लिस्ट से गायब है।
विज्ञापन
ग्रामीण रणवीर सिंह चौहान, जनक सिंह चौहान, टीकम सिंह बिष्ट, सरदार सिंह आदि का कहना है कि सचिव की लापरवाही के चलते वोटर लिस्ट दुरुस्त नहीं है। मामले की जांच होनी चाहिए।
मामले मेें एआर रघुवीर सिंह ने बताया की वास्तव में यह बहुत बड़ी गलती है। मृतकों के नाम सूची से हटाए जाएंगे।