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पैनखंडा संघर्ष समिति ने फूंका राज्य सरकार का पुतला फूंका
Updated Fri, 13 Jul 2018 10:40 PM IST
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जोशीमठ। पैनखंडा संघर्ष समिति ने जोशीमठ में स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करने सहित सात सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। समिति के सदस्यों ने कहा कि यदि सरकार की ओर से शीघ्र मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
शुक्रवार को पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती के नेतृत्व में स्थानीय लोगों और समिति के सदस्य इकट्ठा हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया। समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने, नगर की पेयजल लाइन का पुनर्गठन करने, सस्ते गल्ले की दुकानों में रसद की आपूर्ति सुनिश्चित करने, रसोई गैस की कीमतें कम करने, परियोजना प्रभावित क्षेत्रों को मुफ्त बिजली मुहैया कराए जाने, पैनखंडा क्षेत्र को ओबीसी के केंद्रीय सूची में शामिल करने और कैलाश-मानसरोवर यात्रा नीती घाटी से शुरू करने की मांग को लेकर जनता लंबे समय से संघर्षरत है। इसके बाद भी शासन स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मौके पर बलवीर सिंह रावत, अजीतपाल रावत, सुखदेव, मनमोहन, ओम प्रकाश डोभाल, बलवंत सिंह रावत, देवी लाल और शिव लाल आदि मौजूद थे।
शुक्रवार को पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती के नेतृत्व में स्थानीय लोगों और समिति के सदस्य इकट्ठा हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया। समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने, नगर की पेयजल लाइन का पुनर्गठन करने, सस्ते गल्ले की दुकानों में रसद की आपूर्ति सुनिश्चित करने, रसोई गैस की कीमतें कम करने, परियोजना प्रभावित क्षेत्रों को मुफ्त बिजली मुहैया कराए जाने, पैनखंडा क्षेत्र को ओबीसी के केंद्रीय सूची में शामिल करने और कैलाश-मानसरोवर यात्रा नीती घाटी से शुरू करने की मांग को लेकर जनता लंबे समय से संघर्षरत है। इसके बाद भी शासन स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मौके पर बलवीर सिंह रावत, अजीतपाल रावत, सुखदेव, मनमोहन, ओम प्रकाश डोभाल, बलवंत सिंह रावत, देवी लाल और शिव लाल आदि मौजूद थे।
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