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गोपेश्वर के अलावा किसी भी निकाय में नहीं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था-compat
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:04 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले में नगर पालिका गोपेश्वर के अलावा किसी भी निकाय में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था नहीं है। सबसे बुरा हाल बदरीनाथ नगर पंचायत का है। यहां कूड़ा डंपिंग जोन क्षतिग्रस्त पड़ा है, जिससे जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ है।
चमोली में दस निकाय हैं। इनमें गोपेश्वर, जोशीमठ, कर्णप्रयाग व गौचर पालिका और पोखरी, बदरीनाथ, पीपलकोटी, गैरसैंण, थराली व नंदप्रयाग नगर पंचायत हैं। गोपेश्वर पालिका की ओर से चमोली बाजार में जैविक और अजैविक कूड़े के निस्तारण के लिए प्लांट और कॉम्पेक्ट मशीन लगाई गई है। जैविक कूड़े से खाद बनाने का काम किया जा रहा है, जबकि अजैविक कूड़े से प्लास्टिक ब्लॉक बनाकर उनका विपणन किया जा रहा है। गौचर, कर्णप्रयाग, जोशीमठ में भी कांपेक्ट मशीन से अजैविक कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल पंत का कहना है कि बदरीनाथ में नमामि गंगे के तहत कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है, जबकि जोशीमठ, गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, पोखरी और गौचर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को स्थापित करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय को वित्तीय प्रस्ताव भेजा गया है।
चमोली में दस निकाय हैं। इनमें गोपेश्वर, जोशीमठ, कर्णप्रयाग व गौचर पालिका और पोखरी, बदरीनाथ, पीपलकोटी, गैरसैंण, थराली व नंदप्रयाग नगर पंचायत हैं। गोपेश्वर पालिका की ओर से चमोली बाजार में जैविक और अजैविक कूड़े के निस्तारण के लिए प्लांट और कॉम्पेक्ट मशीन लगाई गई है। जैविक कूड़े से खाद बनाने का काम किया जा रहा है, जबकि अजैविक कूड़े से प्लास्टिक ब्लॉक बनाकर उनका विपणन किया जा रहा है। गौचर, कर्णप्रयाग, जोशीमठ में भी कांपेक्ट मशीन से अजैविक कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अनिल पंत का कहना है कि बदरीनाथ में नमामि गंगे के तहत कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है, जबकि जोशीमठ, गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, पोखरी और गौचर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को स्थापित करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय को वित्तीय प्रस्ताव भेजा गया है।
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