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गदेरों में डंप कर रहे हैं मलबा, बारिश में बनेगा परेशानी
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:40 PM IST
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कर्णप्रयाग। सड़क सहित अन्य निर्माण कार्यों का मलबा बस्तियों और खेतों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। कई जगह लोग इस मलबे के चलते दूषित पानी पी रहे हैं, तो कई जगह गदेरों में मलबा डंप किया जा रहा है।
निर्माणाधीन चौंडली मोटर मार्ग का मलबा यहां गदेरे में डाला जा रहा है। इस कारण अपर बाजार, तहसील कालोनी सहित अस्पताल कालोनी के लोग एक साल से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं वहीं यह मलबा बरसात में घटगाड़, सुभाषनगर सहित आवासीय बस्तियों के लिए खतरा बना हुआ है। जलसंस्थान और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम के संयुक्त निरीक्षण किया तो पता चला कि पेयजल स्रोत वाले गदेरे में सड़क निर्माण का मलबा जमा है। किमोली सड़क का मलबा भी निर्माणदायी संस्था ने बरसाती गदेरों में डंप किया हुआ है। यही नहीं नगर के जखेड़ और राड़खी गदेरे से सरकारी सहित प्राइवेट निर्माण के डंपयार्ड बने हैं। यहां वर्ष भर टनों मलबे का निस्तारण किया जा रहा है वहीं नारायणबगड़ के गैरबारम-रेई मोटर मार्ग का मलबा बरसाती गदेरों में जमा किया गया है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए। वहीं पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रहे गिरीश नौटियाल का कहना है कि गदेरों में मलबा जमा करना बरसात में आपदा का प्रमुख कारण है। बरसात में जंगलों का पानी एकत्र होकर गदेरों में आता है और यहां जमा मलबा पानी के बहाव को कई गुना बढ़ा देता है, जिससे नुकसान होने की संभावना अधिक बनती है।
कोट
जिले में सभी निर्माण कार्यों में लगी हुई एजेंसियां और विभागों को मलबे का सही निस्तारण किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। यदि किसी विभाग की ओर से मानकों के खिलाफ मलबे का निस्तारण किया गया तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आशीष जोशी, डीएम चमोली।
निर्माणाधीन चौंडली मोटर मार्ग का मलबा यहां गदेरे में डाला जा रहा है। इस कारण अपर बाजार, तहसील कालोनी सहित अस्पताल कालोनी के लोग एक साल से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं वहीं यह मलबा बरसात में घटगाड़, सुभाषनगर सहित आवासीय बस्तियों के लिए खतरा बना हुआ है। जलसंस्थान और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम के संयुक्त निरीक्षण किया तो पता चला कि पेयजल स्रोत वाले गदेरे में सड़क निर्माण का मलबा जमा है। किमोली सड़क का मलबा भी निर्माणदायी संस्था ने बरसाती गदेरों में डंप किया हुआ है। यही नहीं नगर के जखेड़ और राड़खी गदेरे से सरकारी सहित प्राइवेट निर्माण के डंपयार्ड बने हैं। यहां वर्ष भर टनों मलबे का निस्तारण किया जा रहा है वहीं नारायणबगड़ के गैरबारम-रेई मोटर मार्ग का मलबा बरसाती गदेरों में जमा किया गया है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए। वहीं पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रहे गिरीश नौटियाल का कहना है कि गदेरों में मलबा जमा करना बरसात में आपदा का प्रमुख कारण है। बरसात में जंगलों का पानी एकत्र होकर गदेरों में आता है और यहां जमा मलबा पानी के बहाव को कई गुना बढ़ा देता है, जिससे नुकसान होने की संभावना अधिक बनती है।
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कोट
जिले में सभी निर्माण कार्यों में लगी हुई एजेंसियां और विभागों को मलबे का सही निस्तारण किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। यदि किसी विभाग की ओर से मानकों के खिलाफ मलबे का निस्तारण किया गया तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आशीष जोशी, डीएम चमोली।
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