फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   बाड़े में कैद गुलदार के फरार होने के बाद पहुंची वन विभाग की टीम

बाड़े में कैद गुलदार के फरार होने के बाद पहुंची वन विभाग की टीम

Thu, 05 Jul 2018 10:44 PM IST
Updated Thu, 05 Jul 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
बाड़े में कैद गुलदार के फरार होने के बाद पहुंची वन विभाग की टीम
आदिबदरी। कर्णप्रयाग ब्लाक के तोप गांव में ग्रामीणों ने मुर्गीबाड़े में मुर्गियों के शिकार करने में व्यस्त गुलदार को बाड़े में कैद कर लिया। बाड़े में बंद होने का अहसास होते ही गुलदार खूंखार हो गया और बाड़े की कई जालियां उसने तोड़ डाली। करीब चार घंटे तक बाड़े में तांडव मचाने के बाद गुलदार जाली तोड़ भाग निकला। वन विभाग की टीम सूचना के करीब छह घंटे बाद मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद एसडीएम ने वन विभाग की इस लेटलतीफी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। गुलदार टीम के आने से तीन घंटे पहले ही भाग निकला था।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार तड़के करीब दो बजे पूर्व ब्लाक प्रमुख और तोप गांव निवासी राजेंद्र सिंह सगोई के मुर्गीबाड़े में गुलदार घुस आया। सगोई ने बताया कि रात को बिजली गुल थी। बाड़े में आवाज सुनकर उन्होंने टार्च से देखा तो गुलदार बाड़े में मुर्गियों को निवाला बना रहा था। उन्होंने तुरंत बाड़े को बाहर से बंद कर तहसील प्रशासन और ग्रामीणों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बाड़े में और सुरक्षा प्रबंध किए, लेकिन इस दौरान गुलदार खूंखार हो गया। सूचना पर सुबह करीब सवा पांच बजे एसडीएम जीआर बिनवाल मौके पर पहुंच गए, लेकिन वन कर्मी नहीं पहुंचे। लगातार चार घंटे तक तांडव मचाते हुए गुलदार बाड़े की जाली तोड़कर सुबह करीब छह बजे फरार हो गया। इस दौरान हालांकि जनहानि नहीं हुई, लेकिन सगोई की 450 से अधिक मुर्गियों को गुलदार निवाला बना गया। वन विभाग नारायणबगड़ रेंज के रेंजर वीएस परमार सहित अन्य कर्मी सुबह नौ बजे मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन


एसडीएम ने पूछा, जनहानि होती तो कौन होता जिम्मेदार
आदिबदरी। वन विभाग की टीम के छह घंटे की देरी से पहुंचने पर उपजिलाधिकारी जीआर बिनवाल ने टीम को जमकर फटकार लगाई। नारायणबगड़ के रेंजर वीएस परमार द्वारा फोन रिसीव नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने रेंजर से पूछा कि यदि गांव में कोई जनहानि हो जाती तो कौन इसका जिम्मेदार होता। उन्होंने वन विभाग की टीम से बृहस्पतिवार रात को गांव में ही पहरा देने के लिए कहा। एसडीएम ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed