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छात्र- छात्राओं ने जानी जीएसटी में रोजगार की संभावनाएं
Updated Mon, 02 Jul 2018 01:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
कौशल विकास कार्यक्रम के तहत रविवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी ऑटोनामस कॉलेज) के कांफ्रेस हॉल में गुड एंड सर्विस टैक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई। कार्यशाला में सीए राजीव शर्मा समेत कई विशेषज्ञों ने जीएसटी की प्रासंगिकता पर विचार रखे।
उन्होंने कहा कि होटल के 5000 के बिल पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत ग्राहक को 1025 भुगतान करना पड़ता थ। जीएसटी प्रणाली में उक्त टैक्स अब महज 250 रुपये ही रह गया है। इस दौरान उन्होंने ई-वे बिल संबंधी जानकारियां भी दीं। सीए गौरव सहगल ने छात्रों को आईजीएसटी, एसजीएसटी और सीजीएसटी के नियमों की जानकारी दी। सीए अभिनव चौरसिया ने जीएसटी में रोजगार के अवसर बताए। सीए चंद्रशेखर ने व्यवसायिक पाठ्यक्रम के विषय पर छात्रों को जागरूक किया। इसके अलावा छात्रों को आईसीएआई जीएसटी पर निशुल्क प्रशिक्षण देने की बात भी कही। इस दौरान कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने जीएसटी प्रणाली को परिवर्तनकारी और साहसिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी के लागू होने से 3.5 करोड़ से बढ़कर टैक्स के दायरे में आए लोगों की संख्या 6.5 करोड़ हो गई है। अति आवश्यक वस्तुओं पर कर नहीं लगाने का निर्णय भी स्वागतयोग्य है। छोटे कारोबारियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए जीएसटी काउंसिल भी बेहतर कार्य कर रही है। इस दौरान उन्होंने रीयल स्टेट को जीएसटी के दायरे में लेने पर जोर दिया। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार उभान, डॉ. राजेश नौटियाल, डॉ. वीएन गुप्ता, डॉ. दयाधर दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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कौशल विकास कार्यक्रम के तहत रविवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी ऑटोनामस कॉलेज) के कांफ्रेस हॉल में गुड एंड सर्विस टैक्स पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई। कार्यशाला में सीए राजीव शर्मा समेत कई विशेषज्ञों ने जीएसटी की प्रासंगिकता पर विचार रखे।
उन्होंने कहा कि होटल के 5000 के बिल पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत ग्राहक को 1025 भुगतान करना पड़ता थ। जीएसटी प्रणाली में उक्त टैक्स अब महज 250 रुपये ही रह गया है। इस दौरान उन्होंने ई-वे बिल संबंधी जानकारियां भी दीं। सीए गौरव सहगल ने छात्रों को आईजीएसटी, एसजीएसटी और सीजीएसटी के नियमों की जानकारी दी। सीए अभिनव चौरसिया ने जीएसटी में रोजगार के अवसर बताए। सीए चंद्रशेखर ने व्यवसायिक पाठ्यक्रम के विषय पर छात्रों को जागरूक किया। इसके अलावा छात्रों को आईसीएआई जीएसटी पर निशुल्क प्रशिक्षण देने की बात भी कही। इस दौरान कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने जीएसटी प्रणाली को परिवर्तनकारी और साहसिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी के लागू होने से 3.5 करोड़ से बढ़कर टैक्स के दायरे में आए लोगों की संख्या 6.5 करोड़ हो गई है। अति आवश्यक वस्तुओं पर कर नहीं लगाने का निर्णय भी स्वागतयोग्य है। छोटे कारोबारियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए जीएसटी काउंसिल भी बेहतर कार्य कर रही है। इस दौरान उन्होंने रीयल स्टेट को जीएसटी के दायरे में लेने पर जोर दिया। इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार उभान, डॉ. राजेश नौटियाल, डॉ. वीएन गुप्ता, डॉ. दयाधर दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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