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तैयारी बैठक में डीपीसी सदस्यों ने दिखाए कड़े तेवर
Updated Wed, 27 Jun 2018 10:44 PM IST
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गोपेश्वर। जिला योजना के लिए शासन से आवंटित परिव्यय पर चर्चा के लिए बुधवार को जिला प्रशासन की तैयारी बैठक हुई। बैठक में डीपीसी (जिला नियोजन समिति) सदस्यों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अधिकांश विभागों में ठेकेदारों की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। वे दो, तीन सालों से योजनाओं के प्रस्ताव विभागों को सौंप रहे हैं, लेकिन उनकी योजनाएं जिला योजना में शामिल नहीं की जा रही हैं।
शासन से चमोली जिले के लिए वर्ष 2018-19 का 40.85 करोड़ वार्षिक जिला योजना परिव्यय आवंटित किया गया है। बृहस्पतिवार को जिले के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत आवंटित परिव्यय का अनुमोदन कर विभिन्न विभागों को जिला योजना के बजट का आवंटन करेंगे। बैठक की तैयारी के लिए बुधवार को डीपीसी सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में जब विभागों ने अपने-अपने प्रस्तावों को बैठक में रखा तो डीपीसी सदस्य मनोज भंडारी, देवेंद्र सिंह नेगी और देवाल की प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने कहा कि उनकी योजनाओं को कोई तरजीह नहीं दी गई है। अपनी नाराजगी को प्रभारी मंत्री के सामने रखा जाएगा। सदस्य लक्ष्मी जोशी ने बदरीनाथ वन प्रभाग की ओर से प्रस्तावित योजनाओं की सूची मांगी। सीडीओ हंसादत्त पांडे ने अधिकारियों को तीन दिन में सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन सदस्यों के प्रस्ताव जिला योजना में शामिल नहीं हो पाएं हैं, संबंधित विभागाध्यक्षों से बातचीत कर योजनाओं को शामिल करने की कोशिश की जाएगी। बैठक में बदरीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली विधानसभा के तीनों विधायक मौजूद रहेंगे।
शासन से चमोली जिले के लिए वर्ष 2018-19 का 40.85 करोड़ वार्षिक जिला योजना परिव्यय आवंटित किया गया है। बृहस्पतिवार को जिले के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत आवंटित परिव्यय का अनुमोदन कर विभिन्न विभागों को जिला योजना के बजट का आवंटन करेंगे। बैठक की तैयारी के लिए बुधवार को डीपीसी सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में जब विभागों ने अपने-अपने प्रस्तावों को बैठक में रखा तो डीपीसी सदस्य मनोज भंडारी, देवेंद्र सिंह नेगी और देवाल की प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने कहा कि उनकी योजनाओं को कोई तरजीह नहीं दी गई है। अपनी नाराजगी को प्रभारी मंत्री के सामने रखा जाएगा। सदस्य लक्ष्मी जोशी ने बदरीनाथ वन प्रभाग की ओर से प्रस्तावित योजनाओं की सूची मांगी। सीडीओ हंसादत्त पांडे ने अधिकारियों को तीन दिन में सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन सदस्यों के प्रस्ताव जिला योजना में शामिल नहीं हो पाएं हैं, संबंधित विभागाध्यक्षों से बातचीत कर योजनाओं को शामिल करने की कोशिश की जाएगी। बैठक में बदरीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली विधानसभा के तीनों विधायक मौजूद रहेंगे।
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