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पर्यटकों से मनमाने रेट वसूल होटल संचालक
Updated Tue, 19 Jun 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
मसूरी।
इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर है, जिसका फायदा उठाकर नगर के होटल और गेस्टहाउस संचालक पर्यटकों से मनमाने रेट वसूलने में लगे हुए हैं। नगर के कई होटलों में रेट लिस्ट नहीं लगाई गई, जिसका फायदा उठाकर पर्यटकों से चार गुना तक दाम वसूले जा रहे हैं।
इस बारे में दिल्ली से आए पर्यटक एमएस सिद्दीकी ने बताया कि यहां कई होटलों में रेट लिस्ट नोटिस बोर्ड पर चस्पा नहीं की गई है, जिसके चलते होटल और गेस्ट हाउस संचालक पर्यटकों से मनमाने दाम वसूलने में लगे हुए हैं। अधिकांश होटल वाले ऑनलाइन बुकिंग का हवाला देकर पहले होटल फुल बताते हैं और कुछ देर बाद पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हीं कमरों को कई गुना अधिक रेट पर दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन एवं पर्यटन विभाग से होटलों में मानक के अनुसार रेट लिस्ट लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन और पर्यटन विभाग से कार्रवाई की भी मांग की है।
इस संबंध में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि कुछ होटल और गेस्ट हाउस संचालक पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं, जो कि गलत है। ऐसे होटलों और गेस्ट हाउस वालों को एसोसिएशन से निष्कासित कर देना चाहिए।
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उधर पर्यटन अधिकारी केएस रावत ने बताया कि शासन की ओर से होटलों और गेस्ट हाउसों के रेट की सीमा निर्धारित होनी चाहिए। पर्यटकों से मनमाने रेट वसूलना गलत है।
शिकायत पर एसोसिएशन से करेंगे निष्कासित
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर ने कहा कि होटलों में रेट लिस्ट लगानी चाहिए। यदि कोई निर्धारित रेट से अधिक वसूलता है तो उसके खिलाफ प्रशासन को कड़ी कार्रवाई कर लाइसेंस भी निरस्त करना चाहिए। एसोसिएशन को अगर किसी होटल की इस तरह की शिकायत मिलती है तो उस होटल के संचालक को एसोसिएशन से भी निष्कासित कर दिया जाएगा।
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मसूरी।
इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर है, जिसका फायदा उठाकर नगर के होटल और गेस्टहाउस संचालक पर्यटकों से मनमाने रेट वसूलने में लगे हुए हैं। नगर के कई होटलों में रेट लिस्ट नहीं लगाई गई, जिसका फायदा उठाकर पर्यटकों से चार गुना तक दाम वसूले जा रहे हैं।
इस बारे में दिल्ली से आए पर्यटक एमएस सिद्दीकी ने बताया कि यहां कई होटलों में रेट लिस्ट नोटिस बोर्ड पर चस्पा नहीं की गई है, जिसके चलते होटल और गेस्ट हाउस संचालक पर्यटकों से मनमाने दाम वसूलने में लगे हुए हैं। अधिकांश होटल वाले ऑनलाइन बुकिंग का हवाला देकर पहले होटल फुल बताते हैं और कुछ देर बाद पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हीं कमरों को कई गुना अधिक रेट पर दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन एवं पर्यटन विभाग से होटलों में मानक के अनुसार रेट लिस्ट लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन और पर्यटन विभाग से कार्रवाई की भी मांग की है।
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इस संबंध में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि कुछ होटल और गेस्ट हाउस संचालक पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं, जो कि गलत है। ऐसे होटलों और गेस्ट हाउस वालों को एसोसिएशन से निष्कासित कर देना चाहिए।
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उधर पर्यटन अधिकारी केएस रावत ने बताया कि शासन की ओर से होटलों और गेस्ट हाउसों के रेट की सीमा निर्धारित होनी चाहिए। पर्यटकों से मनमाने रेट वसूलना गलत है।
शिकायत पर एसोसिएशन से करेंगे निष्कासित
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर ने कहा कि होटलों में रेट लिस्ट लगानी चाहिए। यदि कोई निर्धारित रेट से अधिक वसूलता है तो उसके खिलाफ प्रशासन को कड़ी कार्रवाई कर लाइसेंस भी निरस्त करना चाहिए। एसोसिएशन को अगर किसी होटल की इस तरह की शिकायत मिलती है तो उस होटल के संचालक को एसोसिएशन से भी निष्कासित कर दिया जाएगा।