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दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर शिक्षणेतर कर्मचारियों में रार
Updated Mon, 18 Jun 2018 10:40 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन में स्थितियां सामान्य होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद चुनाव में मतदान का अधिकार दिए जाने पर कर्मचारी दो गुटों में बंट गए हैं। जहां वर्तमान परिषद ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को मतदान का अधिकार दिया है। वहीं दूसरे गुट ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कोर्ट जाने का फैसला लिया है।
गढ़वाल विवि के शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद का चुनाव अगस्त माह में होना है, लेकिन इसके लिए सुगबुगाहट अभी से शुरू हो गई है। वर्तमान शिक्षणेत्तकर कर्मचारी परिषद ने विवि में तैनात दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को परिषद के चुनाव में मतदान के लिए अधिकृत किया है। विवि में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 150 से अधिक है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के इस निर्णय पर कर्मचारियों के एक गुट ने कड़ा विरोध जताया है। परिषद के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी व पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी ने कहा कि वर्तमान परिषद का यह निर्णय आपत्तिजनक है। आम बैठक में इस मुद्दे पर कोई विचार नहीं किया गया था। खंडूड़ी ने कहा कि परिषद के इस निर्णय के विरोध में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के महासचिव सुनील रावत ने कहा कि उक्त निर्णय कर्मचारियों की आम सहमति पर लिया गया है। निर्णय पर आम बैठक में कर्मचारियों ने सहमति दी थी। प्रस्ताव पारित पास होने के बाद परिषद के बॉयलॉज में संशोधन कराया गया है।
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गढ़वाल विवि के शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद का चुनाव अगस्त माह में होना है, लेकिन इसके लिए सुगबुगाहट अभी से शुरू हो गई है। वर्तमान शिक्षणेत्तकर कर्मचारी परिषद ने विवि में तैनात दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को परिषद के चुनाव में मतदान के लिए अधिकृत किया है। विवि में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 150 से अधिक है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के इस निर्णय पर कर्मचारियों के एक गुट ने कड़ा विरोध जताया है। परिषद के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी व पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी ने कहा कि वर्तमान परिषद का यह निर्णय आपत्तिजनक है। आम बैठक में इस मुद्दे पर कोई विचार नहीं किया गया था। खंडूड़ी ने कहा कि परिषद के इस निर्णय के विरोध में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के महासचिव सुनील रावत ने कहा कि उक्त निर्णय कर्मचारियों की आम सहमति पर लिया गया है। निर्णय पर आम बैठक में कर्मचारियों ने सहमति दी थी। प्रस्ताव पारित पास होने के बाद परिषद के बॉयलॉज में संशोधन कराया गया है।
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