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जौनसार बावर में तीन सौ से अधिक वाहनों के थमे पहिये
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:08 AM IST
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- टैक्सियों में स्पीड गवर्नर यंत्र लगाए जाने का विरोध
- हड़ताल के चलते लोगों को आवाजाही में झेलनी पड़ी परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
टैक्सियों में स्पीड गवर्नर यंत्र लगाए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को जौनसार बावर क्षेत्र में संचालित होने वाली 300 से अधिक छोटे-बड़े वाहनों के पहिये थम गए। इस दौरान लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें महंगे दाम पर प्राइवेट वाहन बुक कर गंतव्य को रवाना होना पड़ा। हालांकि, दोपहर बाद यूनियनों ने वाहनों का संचालन शुरू कर दिया। शुक्रवार से यूनियन ने पूर्णकालिक हड़ताल की चेतावनी दी है।
बाड़वाला स्थित ग्राउंड में आयोजित बैठक करते हुए चकराता यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र चौहान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित की है। इसी गति को नियंत्रण करने के लिए ही वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने का दबाव डाला जा रहा है जबकि, पहाड़ी मार्गों पर 40 की स्पीड से ऊपर वाहन चलाना मुमकिन नहीं है। यही नहीं स्पीड गवर्नर लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने देहरादून में 13 एजेंटों को नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त यदि कोई दूसरे राज्य से स्पीड गवर्नर लगा कर एनओसी के लिए आरटीओ कार्यालय में जाता है तो उसे एनओसी नहीं दी जाती। देहरादून में अधिकृत किए जा रहे एजेंटों द्वारा स्पीड गवर्नर के नाम पर 7 हजार से 18 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं जबकि, दूसरे राज्यों में इसकी कीमत बहुत कम है। कहा जब तक सरकार इस फरमान को वापस नहीं लेती उनका आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को बाड़वाला से ऊपर वाहनों को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। हड़ताल में मैक्स, यूटिलिटी यूनियनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
बैठक में त्यूनी यूनियन के मनीष चौहान, विजयराम, लोकपाल चौहान, पिंकू राणा, जवाहर सिंह, अर्जुन राय, आरिफ खान, हुकम चंद, मोहन वर्मा, हुकम बिष्ट, मातवर, राजेंद्र, बारू सिंह आदि मौजूद रहे।
- हड़ताल के चलते लोगों को आवाजाही में झेलनी पड़ी परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
टैक्सियों में स्पीड गवर्नर यंत्र लगाए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को जौनसार बावर क्षेत्र में संचालित होने वाली 300 से अधिक छोटे-बड़े वाहनों के पहिये थम गए। इस दौरान लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें महंगे दाम पर प्राइवेट वाहन बुक कर गंतव्य को रवाना होना पड़ा। हालांकि, दोपहर बाद यूनियनों ने वाहनों का संचालन शुरू कर दिया। शुक्रवार से यूनियन ने पूर्णकालिक हड़ताल की चेतावनी दी है।
बाड़वाला स्थित ग्राउंड में आयोजित बैठक करते हुए चकराता यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र चौहान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित की है। इसी गति को नियंत्रण करने के लिए ही वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने का दबाव डाला जा रहा है जबकि, पहाड़ी मार्गों पर 40 की स्पीड से ऊपर वाहन चलाना मुमकिन नहीं है। यही नहीं स्पीड गवर्नर लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने देहरादून में 13 एजेंटों को नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त यदि कोई दूसरे राज्य से स्पीड गवर्नर लगा कर एनओसी के लिए आरटीओ कार्यालय में जाता है तो उसे एनओसी नहीं दी जाती। देहरादून में अधिकृत किए जा रहे एजेंटों द्वारा स्पीड गवर्नर के नाम पर 7 हजार से 18 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं जबकि, दूसरे राज्यों में इसकी कीमत बहुत कम है। कहा जब तक सरकार इस फरमान को वापस नहीं लेती उनका आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को बाड़वाला से ऊपर वाहनों को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। हड़ताल में मैक्स, यूटिलिटी यूनियनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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बैठक में त्यूनी यूनियन के मनीष चौहान, विजयराम, लोकपाल चौहान, पिंकू राणा, जवाहर सिंह, अर्जुन राय, आरिफ खान, हुकम चंद, मोहन वर्मा, हुकम बिष्ट, मातवर, राजेंद्र, बारू सिंह आदि मौजूद रहे।
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