{"_id":"5b102a904f1c1b9b6e8b57c0","slug":"15277861349-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों की हड़ताल से ग्रामीणों को लौटना पड़ रहा खाली हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों की हड़ताल से ग्रामीणों को लौटना पड़ रहा खाली हाथ
Updated Thu, 31 May 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। एसबीआई व पीएनबी सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में ताले लटके रहे। जबकि प्राइवेट बैंक खुले रहे।
बैंक बंद होने की जानकारी नहीं होने से दूर दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। ग्राम पंचायत स्वीत निवासी सुंदरी देवी व आशा देवी ने बताया कि उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी, लेकिन अब खाली हाथ ही घर लौटना पड़ेगा। दूसरी ओर विकास खंड कीर्तिनगर के डागर व ढुंडसिर क्षेत्र से 50 किमी दूर बैंक पहुंचे विक्रम सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि ने कहा कि उन्हें बैंकों की हड़ताल की जानकारी नही थी। ऐसे में अब उन्होंने बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन
बैंक बंद होने की जानकारी नहीं होने से दूर दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। ग्राम पंचायत स्वीत निवासी सुंदरी देवी व आशा देवी ने बताया कि उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी, लेकिन अब खाली हाथ ही घर लौटना पड़ेगा। दूसरी ओर विकास खंड कीर्तिनगर के डागर व ढुंडसिर क्षेत्र से 50 किमी दूर बैंक पहुंचे विक्रम सिंह, भूपेंद्र सिंह आदि ने कहा कि उन्हें बैंकों की हड़ताल की जानकारी नही थी। ऐसे में अब उन्होंने बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन