{"_id":"5b06ee384f1c1ba86e8b4682","slug":"15271808515-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदरीनाथ में ठप पड़ी संचार सेवा, तीर्थयात्री हो रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदरीनाथ में ठप पड़ी संचार सेवा, तीर्थयात्री हो रहे परेशान
Updated Thu, 24 May 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में संचार सेवा सुचारु न होने से तीर्थयात्री अपने परिजनों से भी संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। धाम में निजी कंपनियों के साथ ही बीएसएनएल की बेस और मोबाइल सेवा सुचारु काम नहीं कर रही है। तीर्थयात्रियों के मोबाइल पर सिग्नल तो आ रहे हैं, लेकिन फोन मिलाने पर संपर्क नहीं हो पा रहा है।
गुजरात के तीर्थयात्री माधव भाई और दिनकर का कहना है कि जोशीमठ में जाम लगने के कारण वे 22 मई को देर रात बदरीनाथ पहुंचे। 23 मई को वे धाम में सकुशल पहुंचने की सूचना परिजनों को नहीं दे पाए। 24 मई को जब वे जोशीमठ पहुंचे, तब परिजनों को अपनी कुशलक्षेम बताई। यही स्थिति अन्य तीर्थयात्रियों की भी बनी हुई है। राजेश मेहता का कहना है कि बदरीनाथ में प्रतिदिन हजारों तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं, लेकिन बीएसएनएल की लचर संचार सेवा से तीर्थयात्री परेशान हो रहे हैं। इधर, बीएसएनएल श्रीनगर के जीएम विजयपाल का कहना है कि बदरीनाथ में स्थापित मोबाइल टावर की क्षमता कम है और उपभोक्ता अधिक हो रहे हैं। टावर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। आगामी वर्ष तक धाम को ओएफसी से जोड़ने की योजना है। साथ ही बदरीनाथ मंदिर के पीछे दूसरा मोबाइल टावर स्थापित किया जाएगा।
गुजरात के तीर्थयात्री माधव भाई और दिनकर का कहना है कि जोशीमठ में जाम लगने के कारण वे 22 मई को देर रात बदरीनाथ पहुंचे। 23 मई को वे धाम में सकुशल पहुंचने की सूचना परिजनों को नहीं दे पाए। 24 मई को जब वे जोशीमठ पहुंचे, तब परिजनों को अपनी कुशलक्षेम बताई। यही स्थिति अन्य तीर्थयात्रियों की भी बनी हुई है। राजेश मेहता का कहना है कि बदरीनाथ में प्रतिदिन हजारों तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं, लेकिन बीएसएनएल की लचर संचार सेवा से तीर्थयात्री परेशान हो रहे हैं। इधर, बीएसएनएल श्रीनगर के जीएम विजयपाल का कहना है कि बदरीनाथ में स्थापित मोबाइल टावर की क्षमता कम है और उपभोक्ता अधिक हो रहे हैं। टावर की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। आगामी वर्ष तक धाम को ओएफसी से जोड़ने की योजना है। साथ ही बदरीनाथ मंदिर के पीछे दूसरा मोबाइल टावर स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन