फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   चुप्पी साधे हैं बैरासकुंड क्षेत्र के मतदाता

चुप्पी साधे हैं बैरासकुंड क्षेत्र के मतदाता

Tue, 22 May 2018 11:04 PM IST
Updated Tue, 22 May 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
चुप्पी साधे हैं बैरासकुंड क्षेत्र के मतदाता
प्रमोद सेमवाल
विज्ञापन

बैरासकुंड (चमोली)। बैरासकुंड क्षेत्र में इन दिनों दिनभर चुनाव का शोर-शराबा है। हर पार्टी का प्रत्याशी यहां पहुंचा है, लेकिन मतदाता की ओर से किसी पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में रुझान देखने के लिए नहीं मिल रहा है। असल में यहां लड़ाई अस्पताल, विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती और पलायन रोकने की है। भाजपा और कांग्रेस ने थराली उपचुनाव को भले ही प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया हो, लेकिन क्षेत्र में मतदाता खामोश है।

बैरासकुंड क्षेत्र जिला मुख्यालय से 47 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां ग्राम पंचायत बैरों, सेमा, चाका, मोठा, खल्तरा, बिरवासी, भीमलता, तल्ला मटई, मल्ला मटई, सांकरी, सुगई, हितमोली, दुवणखेत, जोंकापानी, फराणखिला, गणेशपुर, क्वीराली, सिरतोली और डंगोली में करीब सात हजार मतदाता हैं। क्षेत्र में सबसे अधिक दिक्कत स्वास्थ्य सुविधाओं की है। 19 गांवों के मध्य में स्थित मटई गांव में एकमात्र आयुर्वेदिक अस्पताल है और यहां लंबे समय से चिकित्सक की नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को उपचार के लिए बीस किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर नंदप्रयाग जाना पड़ता है। क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जीआईसी बैरासकुंड में 300 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं है। विद्यालय में गणित विषय सृजित ही नहीं हुआ है। बैरों गांव पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। पुरुषोत्तम दत्त, महेश और शांति प्रसाद का कहना है कि नेताओं के पास पूरे क्षेत्र के विकास का कोई खाका नहीं है। साधन संपन्न लोग गांव से पलायन कर रहे हैं और जो गांव में हैं, उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed