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मधुमक्खी पालन को रोजगार से जोड़ें
Updated Tue, 22 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
विश्व मधुमक्खी दिवस पर जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर, कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी और एटी इंडिया संस्था की ओर से लाखामंडल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 70 गांवों के 500 काश्तकारों ने भागीदारी की।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि जीबी पंत विवि के निदेशक अनुसंधान डॉ. एसएन तिवारी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय और जनजातीय क्षेत्र में मधुमक्खी पालन को रोजगार और व्यवसाय से जोड़ा जा सकता है। मधुमक्खी सामाजिक कीट होने के साथ ही किसान का मित्र कीट भी है। यह किसानों को शहद, मोम देने के साथ ही फसलों में परागण के माध्यम से पैदावार बढ़ाने में भी मदद करता है। मधुमक्खी पालन किसानों की आय दुगनी करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एसएस सिंह ने कहा कि मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने के लिए खेतों में कम रसायन का इस्तेमाल करना चाहिए। एटी इंडिया संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक भगत सिंह नेगी, डॉ. एमएस खान, डॉ. आरएम श्रीवास्तव, डॉ. पूनम श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर कृपाराम भट्ट, दीपा कौशलम, बाबूराम शर्मा, मुकेश पंत, राकेश भट्ट, विक्रम सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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विकासनगर।
विश्व मधुमक्खी दिवस पर जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर, कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी और एटी इंडिया संस्था की ओर से लाखामंडल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 70 गांवों के 500 काश्तकारों ने भागीदारी की।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि जीबी पंत विवि के निदेशक अनुसंधान डॉ. एसएन तिवारी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय और जनजातीय क्षेत्र में मधुमक्खी पालन को रोजगार और व्यवसाय से जोड़ा जा सकता है। मधुमक्खी सामाजिक कीट होने के साथ ही किसान का मित्र कीट भी है। यह किसानों को शहद, मोम देने के साथ ही फसलों में परागण के माध्यम से पैदावार बढ़ाने में भी मदद करता है। मधुमक्खी पालन किसानों की आय दुगनी करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एसएस सिंह ने कहा कि मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने के लिए खेतों में कम रसायन का इस्तेमाल करना चाहिए। एटी इंडिया संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक भगत सिंह नेगी, डॉ. एमएस खान, डॉ. आरएम श्रीवास्तव, डॉ. पूनम श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर कृपाराम भट्ट, दीपा कौशलम, बाबूराम शर्मा, मुकेश पंत, राकेश भट्ट, विक्रम सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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