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जेठ के महीने में भी नेमत बरसा रहा मौसम
Updated Fri, 18 May 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
जेठ माह में जहां मैदानी इलाकों में सूरज आग उगल रहा है। उमस और गरमी से लोग बेहाल है। वहीं चकराता में शांत और ठंडी फिजाओं के बीच प्रकृति नेमत बरसा रही है। जेठ के महीने में भी मौसम कूल बना हुआ है। यहां न तो आपको गाड़ियों का शोर शराबा मिलेगा और नहीं ही ज्यादा भीड़-भड़ाका। ऐसे में यहां आप सूरज की तपिश भरी गरमी से दूर चैन की सांस ले सकते हैं।
मसूरी हिल स्टेशन से 99 किमी और राजधानी देहरादून से 86 किमी पर स्थित इस इलाके में नैसर्गिक सौंदर्य का खजाना छिपा हुआ है। हसीन वादियां और जंगल पर्यटकों को बरबस ही आकर्षिक करते हैं। एशिया के सबसे ऊंचे वाटर फॉल में शुमार टाइगर फॉल भी यहां से महज तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। जहां पर आप अपने परिवार के साथ पिकनिक का मजा उठा सकते हैं।
मैदानी इलाकों में जहां पारा 38-39 डिग्री के बीच झूल रहा है वहीं यहां पर अभी भी पारा 22 डिग्री पर बना हुआ है। इसी के साथ यहां चलने वाली शीतल हवाएं भी शरीर को राहत प्रदान करती है। प्राइवेट होटलों के साथ ही यहां पर कई सरकारी और गेस्ट हॉउस की सुविधा भी उपलब्ध है।
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चकराता के पास घूमने की जगह
खड़ंबा, देववन, रामताल गार्डन, ठाणा डांडा, बैराटखाई, टाइगर फाल, लाखामंडल, मोईगड झरना, कथियान, बुधेर टाप आदि स्थल चकराता के पास हैं।
कैसे पहुंचे चकराता
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से 86 किलोमीटर दूर चकराता पहुंचने के लिए देहरादून से वाया टैक्सी और बस से पहुंचा जा सकता है। सात हजार फिट पर बसे चकराता से पहाड़ों का सुंदर नजारा बरबस ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
रोजाना बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक
शांत फिजाओं के लिए मशहूर चकराता के दीदार को बड़ी संख्या में सैलानी चकराता पहुंच रहे हैं। वीकेंड पर यहां पर्यटकों की संख्या में खासा बढ़ोतरी हो जाती है। पर्यटकों को कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। इसके लिए अब आसपास के कस्बों में भी बड़ी संख्या में होटल, लॉज और रेस्तरां खुल गए हैं।
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जेठ माह में जहां मैदानी इलाकों में सूरज आग उगल रहा है। उमस और गरमी से लोग बेहाल है। वहीं चकराता में शांत और ठंडी फिजाओं के बीच प्रकृति नेमत बरसा रही है। जेठ के महीने में भी मौसम कूल बना हुआ है। यहां न तो आपको गाड़ियों का शोर शराबा मिलेगा और नहीं ही ज्यादा भीड़-भड़ाका। ऐसे में यहां आप सूरज की तपिश भरी गरमी से दूर चैन की सांस ले सकते हैं।
मसूरी हिल स्टेशन से 99 किमी और राजधानी देहरादून से 86 किमी पर स्थित इस इलाके में नैसर्गिक सौंदर्य का खजाना छिपा हुआ है। हसीन वादियां और जंगल पर्यटकों को बरबस ही आकर्षिक करते हैं। एशिया के सबसे ऊंचे वाटर फॉल में शुमार टाइगर फॉल भी यहां से महज तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। जहां पर आप अपने परिवार के साथ पिकनिक का मजा उठा सकते हैं।
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मैदानी इलाकों में जहां पारा 38-39 डिग्री के बीच झूल रहा है वहीं यहां पर अभी भी पारा 22 डिग्री पर बना हुआ है। इसी के साथ यहां चलने वाली शीतल हवाएं भी शरीर को राहत प्रदान करती है। प्राइवेट होटलों के साथ ही यहां पर कई सरकारी और गेस्ट हॉउस की सुविधा भी उपलब्ध है।
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चकराता के पास घूमने की जगह
खड़ंबा, देववन, रामताल गार्डन, ठाणा डांडा, बैराटखाई, टाइगर फाल, लाखामंडल, मोईगड झरना, कथियान, बुधेर टाप आदि स्थल चकराता के पास हैं।
कैसे पहुंचे चकराता
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से 86 किलोमीटर दूर चकराता पहुंचने के लिए देहरादून से वाया टैक्सी और बस से पहुंचा जा सकता है। सात हजार फिट पर बसे चकराता से पहाड़ों का सुंदर नजारा बरबस ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
रोजाना बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक
शांत फिजाओं के लिए मशहूर चकराता के दीदार को बड़ी संख्या में सैलानी चकराता पहुंच रहे हैं। वीकेंड पर यहां पर्यटकों की संख्या में खासा बढ़ोतरी हो जाती है। पर्यटकों को कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। इसके लिए अब आसपास के कस्बों में भी बड़ी संख्या में होटल, लॉज और रेस्तरां खुल गए हैं।