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छात्र व शिक्षक के बीच बेहतर संबंध जरूरी
Updated Sat, 12 May 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,मुनिकीरेती ।
ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालॉजी में करियर के क्षेत्र में उच्च शिक्षा की भूमिका विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। शुक्रवार को संस्थान में आयोजित सेमिनार का प्रोफेसर यूएस रावत, एनके सिन्हा और नीरज गौतम ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। इस मौके पर यूएस रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को इतना सक्षम बनाना होना चाहिए, कि वह जॉब के लिए भटकने के बजाए औरों को जॉब देने में सक्षम बन सकें।
इसके लिए उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र व शिक्षक के बीच बेहतर संबंध का होना जरूरी है। एनके सिन्हा ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य ज्ञान प्राप्त कर उसे अपने जीवन के लक्ष्यों के लिए उपयोग में लाना है। प्रोफेसर आर शंकर ने कहा कि उच्च शिक्षा छात्र के भीतर आत्मविश्वास कायम करती है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद छात्र मनोवैज्ञानिक व सामाजिक अनुभव प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मोहित कुमार धस्माना, डॉ. राजुल दत्त, डॉ. सचिन गर्ग, भरत सिंह तोमर, विकास गैरोला, पूनम थपलियाल, प्रमोद उनियाल, राजेश मनचंदा, नरेंद्र पंवार, मनमोहन लखेड़ा आदि मौजूद थे।
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ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालॉजी में करियर के क्षेत्र में उच्च शिक्षा की भूमिका विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। शुक्रवार को संस्थान में आयोजित सेमिनार का प्रोफेसर यूएस रावत, एनके सिन्हा और नीरज गौतम ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। इस मौके पर यूएस रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को इतना सक्षम बनाना होना चाहिए, कि वह जॉब के लिए भटकने के बजाए औरों को जॉब देने में सक्षम बन सकें।
इसके लिए उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र व शिक्षक के बीच बेहतर संबंध का होना जरूरी है। एनके सिन्हा ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य ज्ञान प्राप्त कर उसे अपने जीवन के लक्ष्यों के लिए उपयोग में लाना है। प्रोफेसर आर शंकर ने कहा कि उच्च शिक्षा छात्र के भीतर आत्मविश्वास कायम करती है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद छात्र मनोवैज्ञानिक व सामाजिक अनुभव प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मोहित कुमार धस्माना, डॉ. राजुल दत्त, डॉ. सचिन गर्ग, भरत सिंह तोमर, विकास गैरोला, पूनम थपलियाल, प्रमोद उनियाल, राजेश मनचंदा, नरेंद्र पंवार, मनमोहन लखेड़ा आदि मौजूद थे।
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