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चमोली के गांवों में दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे करंटयुक्त बिजली के तार
Updated Fri, 11 May 2018 11:04 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले के घाट ब्लॉक के कई गांवों में बिजली के तार आवासीय भवनों और पेड़ों को छूकर गुजर रहे हैं। ऊर्जा निगम की ओर से बिजली लाइनों की मरम्मत नहीं की जा रही है। घाट, पोखरी, पीपलकोटी, दशोली और जोशीमठ ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइन जर्जर स्थिति में है। विगत दो मई को आंधी-तूफान के दौरान जोशीमठ क्षेत्र के डुंग्री-बरोसी क्षेत्र में यूपीपीसीएल की हाईटेंशन लाइन के टकरा जाने से ऊर्जा निगम की 11 केवी की विद्युत लाइन करीब दो किलोमीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे पहले 26 मार्च 2018 को लामबगड़ गांव में रास्ते के समीप स्थापित ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से पांच वर्षीय जगवीर बुरी तरह से झुलस गया था। बाद में जगबीर का एक हाथ काटना पड़ा। 11 जून 2015 को गोपेश्वर में 11 केवी की विद्युत लाइन की चपेट में आने से अधिवक्ता सुलभ सिंह कंडेरी की मौत हो गई थी। इसी वर्ष 8 जनवरी को पोखरी के सौणा-मंगरा गांव में 63 वर्षीय शांता देवी और 13 जनवरी को भतंग्याला गांव में एक युवती की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पोखरी ब्लॉक के गोदी-गिंवाला क्षेत्र में भी कई गांवों में बिजली के तार जमीन को छू रहे हैं। ब्यूरो
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समय-समय पर विद्युत लाइनों की मेंटीनेंस की जाती है। जिन गांवों से विद्युत लाइन से करंट के खतरे की सूचना प्राप्त होती हैं, वहां लाइन को दुरुस्त कर दिया जाता है। अब दोबारा गांवों का सर्वेक्षण कर बिजली की लाइनों को व्यवस्थित किया जाएगा।
-कैलाश कुमार, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, चमोली
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समय-समय पर विद्युत लाइनों की मेंटीनेंस की जाती है। जिन गांवों से विद्युत लाइन से करंट के खतरे की सूचना प्राप्त होती हैं, वहां लाइन को दुरुस्त कर दिया जाता है। अब दोबारा गांवों का सर्वेक्षण कर बिजली की लाइनों को व्यवस्थित किया जाएगा।
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-कैलाश कुमार, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, चमोली