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बारिश और ओलावृष्टि से चमोली में गेंहू की 21 फीसदी फसल चौपट
Updated Fri, 11 May 2018 11:00 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले में अप्रैल और मई माह में हुई जोरदार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की करीब 21 फीसदी फसल चौपट हो गई है। काश्तकारों का कहना है कि ओलावृष्टि के चलते जहां खेतों में तैयार गेहूं की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है, वहीं कटाई के बाद घर में रखा गेहूं भी ओलावृष्टि से खराब हो गया है। साथ ही आलू, माल्टा, नींबू, अमरूद सहित सब्जियों की फसल भी बर्बाद हो गई है।
पोखरी, जोशीमठ, दशोली, घाट, नारायणबगड़, देवाल, थराली, गैरसैंण और कर्णप्रयाग के ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पोखरी के बग्वान गांव निवासी प्रकाश चमोला, भानु प्रकाश, वेद प्रकाश, गोदी-गिंवाला के बीरबल सिंह और कुजों-मैकोट गांव के रुद्र सिंह भंडारी व रघुनाथ सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि से गेहूं की फसल के साथ ही माल्टा, नींबू, अमरूद को नुकसान हुआ है। गरीब काश्तकारों को मौसम की मार से खासा नुकसान उठाना पड़ा है।
इधर, सहायक कृषि अधिकारी जितेंद्र भाष्कर का कहना है कि जिले में बारिश और ओलावृष्टि से अभी तक करीब 21 फीसदी गेहूं की फसल खराब हुई है, साथ ही फल और सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। क्षति का आंकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।
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पोखरी, जोशीमठ, दशोली, घाट, नारायणबगड़, देवाल, थराली, गैरसैंण और कर्णप्रयाग के ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पोखरी के बग्वान गांव निवासी प्रकाश चमोला, भानु प्रकाश, वेद प्रकाश, गोदी-गिंवाला के बीरबल सिंह और कुजों-मैकोट गांव के रुद्र सिंह भंडारी व रघुनाथ सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि से गेहूं की फसल के साथ ही माल्टा, नींबू, अमरूद को नुकसान हुआ है। गरीब काश्तकारों को मौसम की मार से खासा नुकसान उठाना पड़ा है।
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इधर, सहायक कृषि अधिकारी जितेंद्र भाष्कर का कहना है कि जिले में बारिश और ओलावृष्टि से अभी तक करीब 21 फीसदी गेहूं की फसल खराब हुई है, साथ ही फल और सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। क्षति का आंकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।
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