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हर विद्यालय के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य
Updated Sat, 05 May 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ का निजी विद्यालयों की मनमानी के विरोध में आमरण अनशन प्रशासन व शिक्षा विभाग के बीच हुई वार्ता के बाद शुक्रवार को तीसरे दिन स्थगित हो गया। वार्ता में उपजिलाधिकारी व मुख्य शिक्षा अधिकारी शामिल हुए। इसके बाद एसडीएम हर गिरि ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाया। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी की विभिन्न पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और महासंघ के सदस्यों की बैठक हुई, जिसमें निजी विद्यालयों के लिए जारी शासनादेश पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि न्यायालय की ओर से किसी भी तरह के दिशा निर्देश नहीं मिलने तक कोई भी विद्यालय एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा अन्य किसी पाठ्यक्रम को जबरन दबाव बनाकर लागूू नहीं कराएगा, इस पर सहमति बनी। साथ ही तय हुआ कि निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से 15 मई से पूर्व अध्यापक अभिभावक संघ का गठन करना होगा। बताया कि इसके बाद विद्यालयों की बैठक कर निजी विद्यालयों द्वारा अपनी शुल्क नियमावली को अभिभावकों के समक्ष रखा जाएगा। तब तक कोई भी विद्यालय शुल्क वसूली नहीं करेगा।
सीईओ ने कहा कि विद्यालयों द्वारा वसूली गई बढ़ोतरी शुल्क को समायोजित करना होगा। तमाम बिंदुओं पर तीनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद आमरण अनशन पर बैठे तीनों अनशनकारियों रवि जैन, अंशुमान भंडारी व हरिराम वर्मा के साथ ही क्रमिक अनशनकारी सौरभ नैथानी व बलराम शाह का अनशन उपजिलाधिकारी ने जूस पिलाकर समाप्त कराया। मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी एमएल प्रसाद,राजकुमार अग्रवाल, जयदत्त शर्मा, सैयद मुमताज हाशिम, मुकेश चौधरी, मधु जोशी, लालमणि रतूड़ी, बलराम शाह आदि मौजूद थे।
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उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ का निजी विद्यालयों की मनमानी के विरोध में आमरण अनशन प्रशासन व शिक्षा विभाग के बीच हुई वार्ता के बाद शुक्रवार को तीसरे दिन स्थगित हो गया। वार्ता में उपजिलाधिकारी व मुख्य शिक्षा अधिकारी शामिल हुए। इसके बाद एसडीएम हर गिरि ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाया। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय में मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी की विभिन्न पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और महासंघ के सदस्यों की बैठक हुई, जिसमें निजी विद्यालयों के लिए जारी शासनादेश पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि न्यायालय की ओर से किसी भी तरह के दिशा निर्देश नहीं मिलने तक कोई भी विद्यालय एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा अन्य किसी पाठ्यक्रम को जबरन दबाव बनाकर लागूू नहीं कराएगा, इस पर सहमति बनी। साथ ही तय हुआ कि निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से 15 मई से पूर्व अध्यापक अभिभावक संघ का गठन करना होगा। बताया कि इसके बाद विद्यालयों की बैठक कर निजी विद्यालयों द्वारा अपनी शुल्क नियमावली को अभिभावकों के समक्ष रखा जाएगा। तब तक कोई भी विद्यालय शुल्क वसूली नहीं करेगा।
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सीईओ ने कहा कि विद्यालयों द्वारा वसूली गई बढ़ोतरी शुल्क को समायोजित करना होगा। तमाम बिंदुओं पर तीनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद आमरण अनशन पर बैठे तीनों अनशनकारियों रवि जैन, अंशुमान भंडारी व हरिराम वर्मा के साथ ही क्रमिक अनशनकारी सौरभ नैथानी व बलराम शाह का अनशन उपजिलाधिकारी ने जूस पिलाकर समाप्त कराया। मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी एमएल प्रसाद,राजकुमार अग्रवाल, जयदत्त शर्मा, सैयद मुमताज हाशिम, मुकेश चौधरी, मधु जोशी, लालमणि रतूड़ी, बलराम शाह आदि मौजूद थे।
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