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चमोली जिले में आपदा राहत, बचाव के लिए बनाए गए -compat
Updated Fri, 04 May 2018 11:00 PM IST
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गोपेश्वर। मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने शुक्रवार को मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर वीडियो कांफ्रेस के जरिये आपदा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएच, लोनिवि व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को सड़क व अन्य निर्माण कार्यों के मलबे का निस्तारण चयनित स्थानों पर ही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी को अनियंत्रित रुप से मलबा निस्तारण करने वाली निर्माणदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य सचिव ने समय से जिले में खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल व दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के लिए कहा। आपदा की स्थिति से निपटने के लिये यात्रा मार्ग से जुडे़ सभी वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त करने, हेलीपैड, रेस्क्यू सेंटर व आवासीय व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों में सेटेलाइट फोन, वायरलेस सेट व अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिये 82 रिलीफ सेंटर बनाए गए हैं। जिले में 170 चिकित्सकों के सापेक्ष 65 चिकित्सक ही तैनात हैं। चारधाम यात्रा के लिये बदरीनाथ धाम में एक कार्डिक एंबुलेंस तथा कार्डियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने कहा कि जिले में नदी किनारे के गांवों में 65 स्वयंसेवकों का चयन किया गया है, जो आपदा के दौरान पुलिस के साथ राहत कार्य में मदद करेंगे।
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वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य सचिव ने समय से जिले में खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल व दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के लिए कहा। आपदा की स्थिति से निपटने के लिये यात्रा मार्ग से जुडे़ सभी वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त करने, हेलीपैड, रेस्क्यू सेंटर व आवासीय व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों में सेटेलाइट फोन, वायरलेस सेट व अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिये 82 रिलीफ सेंटर बनाए गए हैं। जिले में 170 चिकित्सकों के सापेक्ष 65 चिकित्सक ही तैनात हैं। चारधाम यात्रा के लिये बदरीनाथ धाम में एक कार्डिक एंबुलेंस तथा कार्डियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने कहा कि जिले में नदी किनारे के गांवों में 65 स्वयंसेवकों का चयन किया गया है, जो आपदा के दौरान पुलिस के साथ राहत कार्य में मदद करेंगे।
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