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सिलेंडर भरवाने के लिए 6 किमी की दौड
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:32 PM IST
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कर्णप्रयाग। पोखरी ब्लाक के नौ से अधिक गांवों में रसोई गैस वितरण सुविधा न होने के चलते लोगों को सिलिंडर भरवाने के लिए छह किमी दूर जाना पड़ रहा है। ऐसे में 710 ग्रामीणों को एक सिलिंडर एक हजार से बारह सौ रुपये का पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस वितरण सुविधा शुरू करने की मांग उठाई।
पोखरी ब्लाक के सूगी, छंदोली, सुखसारी, क्यार्खू, करछुना, खुनीगाड़, कुमेड़ा, गडुना और सरमोला आदि गांवों में सड़क की सुविधा है, लेकिन यहां रसोई गैस का वाहन नहीं पहुंचता। राजा चौहान, हरीश बुटोला, हुकुम सिंह और देवेंद्र खत्री आदि का कहना है कि नौ से अधिक गांवों के 200 से अधिक परिवारों के रसोई गैस के कनेक्शन हैं, लेकिन इंडेन गैस एजेंसी कर्णप्रयाग का वाहन बमौथ से आगे नहीं आता। इस कारण ग्रामीणों को सिलिंडर भरवाने के लिए 6 किमी दूर चटवापीपल और गौचर आना पड़ता है। ऐसे में एक सिलिंडर करीब 1000 से 1200 तक पड़ता है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में रसोई गैस वितरण की सुविधा लागू करने की मांग की। इधर जिला पूर्ति अधिकारी एसआर नौटियाल ने बताया कि ग्रामीणों के प्रस्ताव पर कार्रवाई की गई तो संबंधित सड़क परिवहन विभाग की ओर से पास नहीं मिली। ऐसे में गैस एजेंसी ने सिलिंडर गांवों में सप्लाई करने से मना कर दिया। इसके बाद भी संबंधित क्षेत्र का सर्वे करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पोखरी ब्लाक के सूगी, छंदोली, सुखसारी, क्यार्खू, करछुना, खुनीगाड़, कुमेड़ा, गडुना और सरमोला आदि गांवों में सड़क की सुविधा है, लेकिन यहां रसोई गैस का वाहन नहीं पहुंचता। राजा चौहान, हरीश बुटोला, हुकुम सिंह और देवेंद्र खत्री आदि का कहना है कि नौ से अधिक गांवों के 200 से अधिक परिवारों के रसोई गैस के कनेक्शन हैं, लेकिन इंडेन गैस एजेंसी कर्णप्रयाग का वाहन बमौथ से आगे नहीं आता। इस कारण ग्रामीणों को सिलिंडर भरवाने के लिए 6 किमी दूर चटवापीपल और गौचर आना पड़ता है। ऐसे में एक सिलिंडर करीब 1000 से 1200 तक पड़ता है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में रसोई गैस वितरण की सुविधा लागू करने की मांग की। इधर जिला पूर्ति अधिकारी एसआर नौटियाल ने बताया कि ग्रामीणों के प्रस्ताव पर कार्रवाई की गई तो संबंधित सड़क परिवहन विभाग की ओर से पास नहीं मिली। ऐसे में गैस एजेंसी ने सिलिंडर गांवों में सप्लाई करने से मना कर दिया। इसके बाद भी संबंधित क्षेत्र का सर्वे करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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