{"_id":"5adcc2e54f1c1b66098b605e","slug":"152441725418compat-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार से भिड़ी महिला, बकरी छोड़ भागा-compat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार से भिड़ी महिला, बकरी छोड़ भागा-compat
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देवप्रयाग। तहसील के अंतर्गत मुनेठ गांव में एक महिला के हौसले के आगे गुलदार पस्त हो गया। महिला बकरी छुड़ाने के लिए गुलदार से भिड़ गई। उसके ताबड़तोड़ डंडे बरसाने पर गुलदार बकरी को छोड़ भाग खड़ा हुआ।
देवप्रयाग से पांच किमी दूर चाका मोटर मार्ग पर स्थित मुनेठ गांव में शनिवार देर शाम अचानक गुलदार आ धमका। गांव में गुलदार गबर सिंह के आंगन में बंधी बकरी पर झपट पड़ा। बकरी की आवाज सुन गबर की पत्नी सोना देवी बाहर निकली तो सामने गुलदार को देख उसके होश उड़ गए। उसने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। पड़ोस में रहने वाली भोजन माता शैला देवी ने हल्ला सुना, तो वह बाहर आ गई। उसने हिम्मत जुटाते हुए डंडा उठाया और गुलदार पर बरस पड़ी।
बकरी को मुंह में दबोचे हुए गुलदार गुर्राते हुए उसकी तरफ भी बढ़ा, लेकिन शैला देवी घबराई नहीं। वह डंडे से गुलदार पर प्रहार करती रही। लगातार प्रहार होने से गुलदार बकरी को छोड़कर भाग खड़ा हुआ। इस बीच शोर सुन काफी ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। शैला देवी की बहादुरी की सभी ने प्रशंसा की। ग्राम प्रधान मुनेठ राजेंद्र सिंह ने भोजन माता शैला देवी को पुरस्कृत करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी केएस रावत ने बताया कि मुनेठ गांव में टीम भेजी जा रही है। टीम रात में गांव में गश्त करेगी।
देवप्रयाग से पांच किमी दूर चाका मोटर मार्ग पर स्थित मुनेठ गांव में शनिवार देर शाम अचानक गुलदार आ धमका। गांव में गुलदार गबर सिंह के आंगन में बंधी बकरी पर झपट पड़ा। बकरी की आवाज सुन गबर की पत्नी सोना देवी बाहर निकली तो सामने गुलदार को देख उसके होश उड़ गए। उसने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। पड़ोस में रहने वाली भोजन माता शैला देवी ने हल्ला सुना, तो वह बाहर आ गई। उसने हिम्मत जुटाते हुए डंडा उठाया और गुलदार पर बरस पड़ी।
विज्ञापन
बकरी को मुंह में दबोचे हुए गुलदार गुर्राते हुए उसकी तरफ भी बढ़ा, लेकिन शैला देवी घबराई नहीं। वह डंडे से गुलदार पर प्रहार करती रही। लगातार प्रहार होने से गुलदार बकरी को छोड़कर भाग खड़ा हुआ। इस बीच शोर सुन काफी ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। शैला देवी की बहादुरी की सभी ने प्रशंसा की। ग्राम प्रधान मुनेठ राजेंद्र सिंह ने भोजन माता शैला देवी को पुरस्कृत करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी केएस रावत ने बताया कि मुनेठ गांव में टीम भेजी जा रही है। टीम रात में गांव में गश्त करेगी।
विज्ञापन