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शांति भंग के नोटिस निरस्त करने पर शांत हुए आंदोलनकारी
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:00 PM IST
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श्रीनगर। प्रगतिशील जन मंच के आंदोलन से जुड़े 11 लोगों के खिलाफ शांति भंग का नोटिस जारी होने पर आंदोलनकारियों ने एसडीएम के समक्ष कड़ा विरोध जताया। इस दौरान एसडीएम व आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। एसडीएम के नोटिस निरस्त करने के आदेश देने के बाद आंदोलनकारी शांत हुए।
विगत 19 मार्च को प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की श्रीनगर में फ्लीट गुजरने के दौरान तीन सूत्री मांगों के लिए आंदोलनकारियों ने नारेबाजी की थी। इस पर एसडीएम कोर्ट से 11 आंदोलनकारियों को शांति भंग के नोटिस जारी हुए। बृहस्पतिवार को नोटिस पर सुनवाई होनी थी।
तय समय पर आंदोलनकारी एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम माया दत्त जोशी के समक्ष आक्रोश जताया। आंदोलनकारियों ने स्थानीय प्रशासन पर आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाया। कहा कि एनआईटी के स्थायी परिसर निर्माण, संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की तैनाती व नगर को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए प्रजमं विगत 11 माह से आंदोलित है, लेकिन पुलिस-प्रशासन आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है।
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आंदोलनकारियों व एसडीएम के बीच नोटिस को लेकर जमकर नोकझोंक भी हुई। एसडीएम ने आंदोलनकारियों कोे आश्वस्त किया कि नोटिस खारिज किया जा रहा है। इस पर आंदोलनकारी शांत हुए।
इस मौके पर प्रजमं के अध्यक्ष अनिल स्वामी, विमला कोठियाल, जेपी पुरी, बसंती जोशी, जगदंबा रतूड़ी, गणेश कुकरेती, ध्रुव बंगवाल, सदानंद पुरी, अतुल सती व झाबर सिंह आदि मौजूद थे।
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विगत 19 मार्च को प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की श्रीनगर में फ्लीट गुजरने के दौरान तीन सूत्री मांगों के लिए आंदोलनकारियों ने नारेबाजी की थी। इस पर एसडीएम कोर्ट से 11 आंदोलनकारियों को शांति भंग के नोटिस जारी हुए। बृहस्पतिवार को नोटिस पर सुनवाई होनी थी।
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तय समय पर आंदोलनकारी एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम माया दत्त जोशी के समक्ष आक्रोश जताया। आंदोलनकारियों ने स्थानीय प्रशासन पर आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाया। कहा कि एनआईटी के स्थायी परिसर निर्माण, संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की तैनाती व नगर को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए प्रजमं विगत 11 माह से आंदोलित है, लेकिन पुलिस-प्रशासन आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है।
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आंदोलनकारियों व एसडीएम के बीच नोटिस को लेकर जमकर नोकझोंक भी हुई। एसडीएम ने आंदोलनकारियों कोे आश्वस्त किया कि नोटिस खारिज किया जा रहा है। इस पर आंदोलनकारी शांत हुए।
इस मौके पर प्रजमं के अध्यक्ष अनिल स्वामी, विमला कोठियाल, जेपी पुरी, बसंती जोशी, जगदंबा रतूड़ी, गणेश कुकरेती, ध्रुव बंगवाल, सदानंद पुरी, अतुल सती व झाबर सिंह आदि मौजूद थे।