फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   न राहगीर जागे न पार्क प्रशासन

न राहगीर जागे न पार्क प्रशासन

Thu, 19 Apr 2018 02:32 AM IST
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
न राहगीर जागे न पार्क प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला,रायवाला।
विज्ञापन

हरिद्वार हाईवे पर लगातार गुलदार के आतंक के बावजूद राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है। पार्क प्रशासन महज साइन बोर्ड लगाकर खानापूर्ति करने में लगा हुआ है, जबकि स्थिति जस के तस दिखाई दे रहे हैं। हरियाणा के श्रद्धालु के साथ हुई घटना के तीसरे दिन बुधवार को अमर उजाला की टीम ने ऐसी जगहों पर मुआयना किया, जोकि गुलदार प्रभावित क्षेत्र है। पड़ताल में गुलदार के खतरे वाले सुनसान हाईवे के किनारे वाहनों के रुकने और पर्यटकों के पेड़ों की छांव में सुस्ताने का सिलसिला जारी है।
राजाजी के मोतीचूर रेंज के मध्य से होकर गुजर रहा नेशनल हाईवे का मोतीचूर फाटक से खांडगांव पुलिया और सत्यनारायण मंदिर से नेपाली फार्म तीन पानी पुलिया तक गुलदार की वारदातों वाले स्थानों की अमर उजाला द्वारा पड़ताल की गई। जिसमें गुलदार के खतरे वाले स्थानों पर अनजान राहगीर वाहनों को रोककर शौच आदि के लिए जंगलों में घुसते देखे गए। इसके अलावा भी कई वाहन चालक हाईवे के किनारों और सुनसान जंगल के किनारे पर खतरे से बेखबर आराम फरमाते दिखे। गुलदार की वारदातों का गढ़ बन चुका रायवाला क्षेत्र से होकर गुजरने वाला हाईवे के इस हिस्से पर पार्क ने कोई अतिरिक्त मुस्तैदी नहीं की है।
विज्ञापन


प्रशास ने अतिरिक्त साइन बोर्ड लगाए
तीन दिन पहले गुलदार के हमले में हरियाणा के श्रद्धालु की मौत के बाद पार्क प्रशासन ने कुछ स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। राजाजी प्रशासन की ओर से सत्यानारायण मंदिर के पास जंगल में प्रवेश करने वालों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी वाला सूचना पट स्थापित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्मियों की कमी, रेलवे ट्रैक पर गश्त करें या हाईवे पर
रेंज में वनकर्मियों की कमी के चलते सुरक्षा मुहैय्या कराना भी चुनौती बना हुआ है। मोतीचूर रेंज के अधिकारी विकास रावत ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों और हाथियों की सुरक्षा के लिए कुल 14 में से छह संविदा वनकर्मी और नियमित स्टाफ को लगाया गया है। इसके साथ ही गांवों में खेतों में घुसने वाले जानवरों को लेकर आए दिन सूचना मिलती रहती है। वहां के लिए भी गश्ती टीम तैनात करके रखनी होती है। जो दिन- रात काम करती है। इसके अलावा अतिरिक्त स्टाफ नहीं है, जिसे करीब आठ से दस किमी लंबे हाईवे की निगरानी में दिन और रात लगाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed