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तीर्थनगरी में चारधाम यात्रा का धीमा आगाज
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
चारो धामों के कपाट खुलने की तिथियों में इस साल आए 10 दिन के अंतराल के कारण पहली बार यात्रा की शुरुआत धीमी रही। श्री गंगोत्री व यमुनोत्री धाम और केदारनाथ और श्रीबदरीनाथ धाम के कपाट खुलने में इतने दिनों का अंतराल पहली बार हुआ है। जबकि बीते वर्षों में अमूमन चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियों का फासला लगभग पांच से सात दिनों का होता था, जिसके चलते यात्रा की शुरुआत में ही श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़भाड़ उमड़ती थी। आमतौर पर यात्रा की शुरुआत में खचाखच रहने वाला बस ट्रांजिट कंपाउंड बुधवार को खाली खाली सा नजर आया।
ऐसा पहली बार हुआ कि यात्रा के पहले दिन संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के एक भी वाहन की रवानगी नहीं हो पाई है। बीते वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो अक्षय तृतीय पर्व पर श्री गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से ठीक एक दिन पहले संयुक्त रोटेशन से पांच से 10 वाहनों से श्रद्धालु धामों के लिए रवाना होते थे और यात्रा की शुरूआत वाले दिन धामों को रवाना होने वाले वाहनों की संख्या 15 से 25 के बीच होती थी।
रोटेशन के पास शुरुआती चार दिनों की कोई बुकिंग नहीं
बीते मंगलवार को दो धामों के लिए रवाना हुई एक बस को छोड़ दें तो संयुक्त रोटेशन के पास इस साल यात्रा के शुरुआती चार दिनों की एक भी वाहन की कोई बुकिंग नहीं है। रोटेशन के प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया कि रोटेशन को 22 अप्रैल को चार से पांच वाहनों की बुकिंग मिली है। जबकि 23 को करीब 12 वाहनों की बुकिंग है। उन्होंने बताया कि अधिकांश यात्री दो धामों की बजाए चारों धामों की यात्रा करने के इच्छुक होते हैं, क्योंकि इस बार दो धामों के कपाट 18 अप्रैल को खुले हैं जबकि केदारधाम के 29 व बदरीनाथ के 30 अप्रैल को खुलने हैं, लिहाजा श्रद्धालुओं ने उसी अंतर को देखते हुए यात्रा की बुकिंग कराई है, जिससे बीच के दिनों के अंतर को पाटा जा सके और क्रमवार निर्धारित समया अविधि में चारों धामों के एक साथ दर्शन किए जा सकें।
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उद्घाटन समारोह भी हुआ विलंब
ऋषिकेश। बीते वर्षों तक संयुक्त रोटेशन की ओर से अक्षय तृतीय पर्व के दिन या उसके एक दिन पहले चारधाम यात्रा उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाता था। मगर इस बार समिति ने भी धामों के कपाट खुलने की तिथियों में अंतर के चलते अपने औपचारिक उद्घाटन समारोह को 23 अप्रैल सोमवार को रखा है, जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व सरकार के अन्य नुमाइंदे धामों को जाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे।
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चारो धामों के कपाट खुलने की तिथियों में इस साल आए 10 दिन के अंतराल के कारण पहली बार यात्रा की शुरुआत धीमी रही। श्री गंगोत्री व यमुनोत्री धाम और केदारनाथ और श्रीबदरीनाथ धाम के कपाट खुलने में इतने दिनों का अंतराल पहली बार हुआ है। जबकि बीते वर्षों में अमूमन चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियों का फासला लगभग पांच से सात दिनों का होता था, जिसके चलते यात्रा की शुरुआत में ही श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़भाड़ उमड़ती थी। आमतौर पर यात्रा की शुरुआत में खचाखच रहने वाला बस ट्रांजिट कंपाउंड बुधवार को खाली खाली सा नजर आया।
ऐसा पहली बार हुआ कि यात्रा के पहले दिन संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के एक भी वाहन की रवानगी नहीं हो पाई है। बीते वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो अक्षय तृतीय पर्व पर श्री गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से ठीक एक दिन पहले संयुक्त रोटेशन से पांच से 10 वाहनों से श्रद्धालु धामों के लिए रवाना होते थे और यात्रा की शुरूआत वाले दिन धामों को रवाना होने वाले वाहनों की संख्या 15 से 25 के बीच होती थी।
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रोटेशन के पास शुरुआती चार दिनों की कोई बुकिंग नहीं
बीते मंगलवार को दो धामों के लिए रवाना हुई एक बस को छोड़ दें तो संयुक्त रोटेशन के पास इस साल यात्रा के शुरुआती चार दिनों की एक भी वाहन की कोई बुकिंग नहीं है। रोटेशन के प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया कि रोटेशन को 22 अप्रैल को चार से पांच वाहनों की बुकिंग मिली है। जबकि 23 को करीब 12 वाहनों की बुकिंग है। उन्होंने बताया कि अधिकांश यात्री दो धामों की बजाए चारों धामों की यात्रा करने के इच्छुक होते हैं, क्योंकि इस बार दो धामों के कपाट 18 अप्रैल को खुले हैं जबकि केदारधाम के 29 व बदरीनाथ के 30 अप्रैल को खुलने हैं, लिहाजा श्रद्धालुओं ने उसी अंतर को देखते हुए यात्रा की बुकिंग कराई है, जिससे बीच के दिनों के अंतर को पाटा जा सके और क्रमवार निर्धारित समया अविधि में चारों धामों के एक साथ दर्शन किए जा सकें।
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उद्घाटन समारोह भी हुआ विलंब
ऋषिकेश। बीते वर्षों तक संयुक्त रोटेशन की ओर से अक्षय तृतीय पर्व के दिन या उसके एक दिन पहले चारधाम यात्रा उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाता था। मगर इस बार समिति ने भी धामों के कपाट खुलने की तिथियों में अंतर के चलते अपने औपचारिक उद्घाटन समारोह को 23 अप्रैल सोमवार को रखा है, जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व सरकार के अन्य नुमाइंदे धामों को जाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे।