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चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे भगवान नृसिंह-compat

Sun, 08 Apr 2018 10:40 PM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:40 PM IST
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चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे भगवान नृसिंह-compat

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गोपेश्वर। जोशीमठ में स्थित भगवान नृसिंह 18 अप्रैल को अपने नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। नृसिंह भगवान के लिए लुधियाना के एक व्यवसायी ने करीब 15 किलो चांदी का सिंहासन बनवाया है। व्यवसायी की ओर से सिंहासन को गुप्त दान के रुप में दिया जा रहा है।
भगवान नृसिंह का मंदिर जीर्ण-शीर्ण हो जाने पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने वर्ष 2012 में मंदिर का नवनिर्माण शुरू करवाया था। साढ़े चार करोड़ की लागत का यह मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। मंदिर की हिमाद्री शैली में नक्काशी की गई है। 18 अप्रैल को विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ भगवान नृसिंह अपने नए मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। इन दिनों मंदिर समिति की ओर से इसकी तैयारियां की जा रही हैं। 16 अप्रैल से मंदिर में वेद पूजा शुरू हो जाएंगी। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि लुधियाना के एक व्यवसायी की ओर से भगवान नृसिंह के गर्भगृह के लिए करीब 15 किलोग्राम चांदी का सिंहासन बनवाया जा रहा है। 16 अप्रैल को सिंहासन जोशीमठ नृसिंह मंदिर में पहुंच जाएगा।
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प्रदेश में तीसरा सबसे ऊंचा मंदिर
जोशीमठ में नवनिर्मित भगवान नृसिंह का मंदिर उत्तराखंड का तीसरा सबसे ऊंचा मंदिर है। इसकी ऊंचाई 68 फीट है। राज्य में केदारनाथ मंदिर सबसे ऊंचा है। इसकी ऊंचाई 72 फीट है। इसी प्रकार गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर दूसरे स्थान पर है। इस मंदिर की ऊंचाई 71 फीट है। नृसिंह मंदिर का प्राकृतिक सौंदर्य भी अभिभूत करने वाला है। यहां से हाथी पर्वत के साथ ही गगनचुंबी पर्वत चोटियां दिखाई देती हैं, जो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
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नृसिंह मंदिर की यह है मान्यता
नृसिंह मंदिर के माहात्म्य को लेकर कई किवदंतियां प्रचलित हैं। स्थानीय मान्यता है कि भगवान नृसिंह की बायीं भुजा की कलाई धीरे-धीरे पतली होती जा रही है। जिस दिन यह कलाई भुजा से टूटकर अलग हो जाएगी, उसी दिन विष्णुप्रयाग में स्थित जय और विजय पर्वत आपस में मिल जाएंगे और बदरीनाथ धाम का रास्ता बंद हो जाएगा। तब भगवान बदरीनाथ के दर्शन जोशीमठ के तपोवन क्षेत्र में स्थित भविष्य बदरी मंदिर में होंगे।


बदरीनाथ धाम के छत्र का हुआ अनावरण
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के गर्भगृह में प्रतिष्ठापित किए जाने वाले सोने के छत्र का विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ अनावरण हो गया है। गत दिवस शनिवार को लुधियाना के रामराज्य फार्म, बद्दोवाल में संपन्न अनावरण कार्यक्रम में बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सैकड़ों तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ छत्र को 8 मई को बदरीनाथ धाम में लाया जाएगा और नौ मई को धार्मिक परंपराओं के साथ छत्र को बदरीनाथ गर्भगृह में प्रतिष्ठापित कर दिया जाएगा। ब्यूरो
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