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दो माह बाद भी नहीं मिला मुआवजा
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:31 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। व्यासी परियोजना बांध प्रभावितों को आश्वासन के दो माह बाद भी हैवी ब्लॉस्टिंग से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का मुआवजा नहीं मिल सका है। विरोध में प्रभावित लोगों ने 23 अप्रैल से दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। उन्होंने मांग के समर्थन में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी भेजा।
कहा ब्लास्टिंग से भलेर, भदोगी और कांडोई गांव में मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई मकानों में दरारें पड़ गई है। मकान निष्प्रोज्य हो चुके हैं। कई लोगों के पास मकानों की मरम्मत तक के पैसे नहीं है। आरोप लगाया कि 26 फरवरी को आमरण अनशन के दौरान तहसील प्रशासन और जल विद्युत निगम के अधिकारियों ने उन्हें शीघ्र मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन दो माह बाद भी अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। जल विद्युत निगम के अधिकारी उन्हें कोरे आश्वासन देकर टरका रहे हैं। एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। ज्ञापन भेजने वालों में जीत सिंह, सुरेश नेगी, मेहर सिंह आदि शामिल रहे।
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विकासनगर। व्यासी परियोजना बांध प्रभावितों को आश्वासन के दो माह बाद भी हैवी ब्लॉस्टिंग से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का मुआवजा नहीं मिल सका है। विरोध में प्रभावित लोगों ने 23 अप्रैल से दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। उन्होंने मांग के समर्थन में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी भेजा।
कहा ब्लास्टिंग से भलेर, भदोगी और कांडोई गांव में मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई मकानों में दरारें पड़ गई है। मकान निष्प्रोज्य हो चुके हैं। कई लोगों के पास मकानों की मरम्मत तक के पैसे नहीं है। आरोप लगाया कि 26 फरवरी को आमरण अनशन के दौरान तहसील प्रशासन और जल विद्युत निगम के अधिकारियों ने उन्हें शीघ्र मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन दो माह बाद भी अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। जल विद्युत निगम के अधिकारी उन्हें कोरे आश्वासन देकर टरका रहे हैं। एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। ज्ञापन भेजने वालों में जीत सिंह, सुरेश नेगी, मेहर सिंह आदि शामिल रहे।
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