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सांस्कृतिक परंपराओं के सरंक्षण के लिए कार्य करेगा संघ
Updated Fri, 30 Mar 2018 10:52 PM IST
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श्रीनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्षेत्रीय बोली भाषा व सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए कार्य करेगा। इस संबंध में संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पास किया गया है। श्रीनगर में उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता केंद्र खुलने जा रहा है। उक्त बातें संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख किशलय कुमार ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
शुक्रवार को यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख किशलय कुमार ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में संघ के सेवा कार्य बढे़ हैं। पौड़ी जनपद में 31 शाखाएं व 2 संघ मंडलियां कार्य कर रही हैं। बताया कि 18 मई को संघ की ओर से नारद जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। मई के प्रथम सप्ताह में श्रीनगर में सोशल मीडिया कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कुमार ने बताया कि संघ क्षेत्रीय बोली भाषाओं व लोक संस्कृति की परंपराओं के संरक्षण के लिए कार्य करेगा। इस संबंध में 9 से 11 मार्च तक नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। श्रीनगर में संघ के उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता केंद्र खुलने जा रहा है। पत्रकार वार्ता के दौरान नगर कार्यवाह बद्रीश गोदियाल, संजय घिल्डियाल भी मौजूद थे।
शुक्रवार को यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख किशलय कुमार ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में संघ के सेवा कार्य बढे़ हैं। पौड़ी जनपद में 31 शाखाएं व 2 संघ मंडलियां कार्य कर रही हैं। बताया कि 18 मई को संघ की ओर से नारद जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। मई के प्रथम सप्ताह में श्रीनगर में सोशल मीडिया कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कुमार ने बताया कि संघ क्षेत्रीय बोली भाषाओं व लोक संस्कृति की परंपराओं के संरक्षण के लिए कार्य करेगा। इस संबंध में 9 से 11 मार्च तक नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पारित किया गया है। श्रीनगर में संघ के उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता केंद्र खुलने जा रहा है। पत्रकार वार्ता के दौरान नगर कार्यवाह बद्रीश गोदियाल, संजय घिल्डियाल भी मौजूद थे।
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