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पेयजल, सड़क और रोजगार को लेकर परवाड़ी के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:44 PM IST
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भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। बुधवार को गैरसैंण ब्लाक के परवाड़ी के ग्रामीणों ने गांव में पानी, सड़क और रोजगार की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के गेट तक पहुंच गए। पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने गेट पर चार घंटे तक धरना दिया।
प्रधान जोत सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा कि परवाड़ी गांव के गोचर, पनघट की भूमि में विधानसभा परिसर का निर्माण किया गया है। ग्रामीणों ने विकास की उम्मीद से यह भूमि विधानसभा को दी, लेकिन विधानसभा बनने से जहां गांव में पानी की किल्लत हो गई, वहीं गांव तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया। सड़क नहीं होने से कई गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। यही नहीं विधानसभा मेें स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग भी की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
विधानसभा परिसर के गेट पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। बाद में एडीएम ईला गिरी आदि ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर जल्द सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने वार्ता नहीं होने पर दुबारा आंदोलन की चेतावनी देने के साथ धरना समाप्त कर दिया। धरना देने वालों में सुनीता देवी, गंगा, आशा, विनीता, सुरेशी, धना, हिम्मती, राजुली देवी आदि शामिल थे।
प्रधान जोत सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा कि परवाड़ी गांव के गोचर, पनघट की भूमि में विधानसभा परिसर का निर्माण किया गया है। ग्रामीणों ने विकास की उम्मीद से यह भूमि विधानसभा को दी, लेकिन विधानसभा बनने से जहां गांव में पानी की किल्लत हो गई, वहीं गांव तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया। सड़क नहीं होने से कई गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। यही नहीं विधानसभा मेें स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग भी की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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विधानसभा परिसर के गेट पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। बाद में एडीएम ईला गिरी आदि ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर जल्द सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने वार्ता नहीं होने पर दुबारा आंदोलन की चेतावनी देने के साथ धरना समाप्त कर दिया। धरना देने वालों में सुनीता देवी, गंगा, आशा, विनीता, सुरेशी, धना, हिम्मती, राजुली देवी आदि शामिल थे।
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