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शंकर सिंह बने पूर्व एवं अर्द्ध सैनिक संगठन के अध्यक्ष
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:55 AM IST
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ब्यूरो/रायवाला। पूर्व एवं अर्द्ध सैनिक संगठन रायवाला के अध्यक्ष पद के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में दो प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। संगठन के इतिहास में पहली बार सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया अपनाते हुए मतदान कराकर अध्यक्ष पद पर चुनाव कराया। मतपत्रों की गणना में शंकर सिंह धनै 25 मतों से विजयी रहे। पूर्व एवं अर्द्ध सैनिक संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर बीती 26 जनवरी से चला आ रहा घमासान आखिरकार मतदान के साथ समाप्त हो गया।
अध्यक्ष पद पर आपसी सहमति नहीं बनने पर संगठन के 24 वर्षों के इतिहास में पहली बार मतदान का सहारा लिया गया। संगठन कार्यालय बृहस्पतिवार की सुबह से गहमागहमी के बीच मैदान में उतरे दो प्रत्याशियों के बीच अंतिम समय तक मतदान की बजाए आपसी सहमति के आधार पर चुनाव कराने की कोशिश की गई, मगर समाधान नहीं निकलने पर आखिरकार मतदान के जरिए संगठन के आठवें अध्यक्ष चुन लिए गए।
चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हुक्म सिंह खत्री की देखरेख में संपन्न हुई मतदान प्रक्रिया में संगठन के कुल 171 सदस्यों में से 109 ने भाग लिया, जिसमें शंकर सिंह धनै को 67 मत और मातबर सिंह पंवार को कुल 42 मत पड़े। चुनाव संचालन समिति अध्यक्ष हुक्म सिंह ने धनै को 25 मतों से विजयी घोषित किया। इसके बाद धनै को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। पूर्व सैनिकों ने फूलमालाएं पहनाकर नवनिर्वाचित अध्यक्ष धनै का स्वागत किया।
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संगठन में पहली बार हवलदार रैंक से अध्यक्ष
संगठन के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए मतदान प्रक्रिया के बाद हवलदार रैंक से अध्यक्ष चुने गए। जबकि इससे पूर्व के वर्षों में इस पद पर कैप्टन और सूबेदार रैंक के पूर्व सैन्य अधिकारी चुने जाते रहे हैं।
संगठन को 47 दिन बाद मिला अध्यक्ष
द्विवार्षिक संगठन अध्यक्ष चुनने के लिए गणतंत्र दिवस के दिन सदस्यों की आम बैठक बुलाकर आम सहमति बना ली जाती थी, मगर इस साल गणतंत्र के अवसर पर संगठन द्वारा बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई थी और इस पद पर कई प्रत्याशियों ने अपना दावा पेश कर दिया था। जिसके बाद चुनाव संचालन समिति की देखरेख में मतदान कराने का निर्णय लिया गया।
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अध्यक्ष पद पर आपसी सहमति नहीं बनने पर संगठन के 24 वर्षों के इतिहास में पहली बार मतदान का सहारा लिया गया। संगठन कार्यालय बृहस्पतिवार की सुबह से गहमागहमी के बीच मैदान में उतरे दो प्रत्याशियों के बीच अंतिम समय तक मतदान की बजाए आपसी सहमति के आधार पर चुनाव कराने की कोशिश की गई, मगर समाधान नहीं निकलने पर आखिरकार मतदान के जरिए संगठन के आठवें अध्यक्ष चुन लिए गए।
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चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हुक्म सिंह खत्री की देखरेख में संपन्न हुई मतदान प्रक्रिया में संगठन के कुल 171 सदस्यों में से 109 ने भाग लिया, जिसमें शंकर सिंह धनै को 67 मत और मातबर सिंह पंवार को कुल 42 मत पड़े। चुनाव संचालन समिति अध्यक्ष हुक्म सिंह ने धनै को 25 मतों से विजयी घोषित किया। इसके बाद धनै को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। पूर्व सैनिकों ने फूलमालाएं पहनाकर नवनिर्वाचित अध्यक्ष धनै का स्वागत किया।
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संगठन में पहली बार हवलदार रैंक से अध्यक्ष
संगठन के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए मतदान प्रक्रिया के बाद हवलदार रैंक से अध्यक्ष चुने गए। जबकि इससे पूर्व के वर्षों में इस पद पर कैप्टन और सूबेदार रैंक के पूर्व सैन्य अधिकारी चुने जाते रहे हैं।
संगठन को 47 दिन बाद मिला अध्यक्ष
द्विवार्षिक संगठन अध्यक्ष चुनने के लिए गणतंत्र दिवस के दिन सदस्यों की आम बैठक बुलाकर आम सहमति बना ली जाती थी, मगर इस साल गणतंत्र के अवसर पर संगठन द्वारा बुलाई गई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई थी और इस पद पर कई प्रत्याशियों ने अपना दावा पेश कर दिया था। जिसके बाद चुनाव संचालन समिति की देखरेख में मतदान कराने का निर्णय लिया गया।