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एम्स में गंभीर रोगियों को तत्काल इलाज की सुविधा
Updated Tue, 13 Mar 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को ओपीडी की लंबी लाइनों से होने वाली परेशानी से बचाने और उन्हें तत्काल उपचार मुहैया करवाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने 24 स्पेशल क्लीनिक शुरू की हैं। क्लीनिक में गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। क्लीनिक संबंधी जानकारी प्रदेश के सभी जिलों के सीएमओ को भी दी गई है। संस्थान ने उनसे आग्रह किया है कि संबंधित अस्पताल में जटिल केस आने पर वह रोगी को एम्स में रोग से जुड़े क्लीनिक के लिए रेफर कर सकते हैं।
दरअसल, संस्थान में सामान्य रोग से ग्रसित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में खांसी, बुखार, जुकाम, पेट दर्द आदि बीमारियों के साथ ही एम्स प्रशासन जटिल रोगों का उपचार सफलतापूर्वक करने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एम्स की उत्तराखंड में स्थापना का उद्देश्य ही यहां पर जटिल रोगों के उपचार की सुविधा लोगों को उपलब्ध कराना है। स्पेशल क्लीनिक की जानकारी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को भी दी गई है, ताकि उनके जिलों से गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को सीधे एम्स पहुंचकर उपचार मिल सके।
यह खुले हैं स्पेशल क्लीनिक
ऋषिकेश। एम्स में ब्रेस्ट कैंसर, डायबिटीज, जेनेटिक, फीवर, लीवर, लंग्स, नयोथोलॉजी, पेन रिलीफ, पेलिएटिव, स्ट्रोक, शुगर, हाथ और गला कैंसर, टीबी आदि क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। इनमें सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक की तैनाती की गई है, जोकि मरीज को त्वरित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
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कोट्स
एम्स में सामान्य रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जटिल रोग से ग्रसित लोगों को उपचार मिलने में देरी होती है। लिहाजा, संस्थान ने विभिन्न गंभीर बीमारियों के 24 क्लीनिक बनाए हैं, जिससे रोगियों को त्वरित इलाज मिल सके।
- हरीश थपलियाल, जनसंपर्क अधिकारी, एम्स
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दरअसल, संस्थान में सामान्य रोग से ग्रसित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में खांसी, बुखार, जुकाम, पेट दर्द आदि बीमारियों के साथ ही एम्स प्रशासन जटिल रोगों का उपचार सफलतापूर्वक करने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एम्स की उत्तराखंड में स्थापना का उद्देश्य ही यहां पर जटिल रोगों के उपचार की सुविधा लोगों को उपलब्ध कराना है। स्पेशल क्लीनिक की जानकारी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को भी दी गई है, ताकि उनके जिलों से गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को सीधे एम्स पहुंचकर उपचार मिल सके।
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यह खुले हैं स्पेशल क्लीनिक
ऋषिकेश। एम्स में ब्रेस्ट कैंसर, डायबिटीज, जेनेटिक, फीवर, लीवर, लंग्स, नयोथोलॉजी, पेन रिलीफ, पेलिएटिव, स्ट्रोक, शुगर, हाथ और गला कैंसर, टीबी आदि क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। इनमें सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक की तैनाती की गई है, जोकि मरीज को त्वरित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
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एम्स में सामान्य रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जटिल रोग से ग्रसित लोगों को उपचार मिलने में देरी होती है। लिहाजा, संस्थान ने विभिन्न गंभीर बीमारियों के 24 क्लीनिक बनाए हैं, जिससे रोगियों को त्वरित इलाज मिल सके।
- हरीश थपलियाल, जनसंपर्क अधिकारी, एम्स