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31 मार्च तक होगा वन पंचायतों का पुनर्गठन
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:32 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक सभागार में आईआरएस (इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम) के तहत आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य की जानकारियां दी गईं। साथ ही जंगलों में लगने वाली आग को नियंत्रण करने के लिए आपदा के तहत काम करने की बात कही गई। कहा गया कि आपदा से राहत और बचाव कार्य के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है। एसडीएम केएन गोस्वामी ने कहा कि आग पर नियंत्रण के लिए सभी 120 वन पंचायतों का पुनर्गठन किया जाएगा। इनका काम 31 मार्च तक पूरा कर दिया जाएगा।
कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षण वीवी गणनायक ने कहा कि आईआरएस सिस्टम में प्रदेश से लेकर ब्लाक तक सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, लेकिन सिस्टम में समन्वय की कमी दिख रही है, जिसे दूर किया जाना है। गणनायक ने सभी अधिकारियों को सिस्टम के काम करने के तरीके और कम समय में आपदा के दौरान बेहतर प्रबंधन के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इसकी मॉक ड्रिल होगी। कार्यशाला में तहसीलदार बीसी पंत, बीडीओ एमपी भट्ट सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षण वीवी गणनायक ने कहा कि आईआरएस सिस्टम में प्रदेश से लेकर ब्लाक तक सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, लेकिन सिस्टम में समन्वय की कमी दिख रही है, जिसे दूर किया जाना है। गणनायक ने सभी अधिकारियों को सिस्टम के काम करने के तरीके और कम समय में आपदा के दौरान बेहतर प्रबंधन के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इसकी मॉक ड्रिल होगी। कार्यशाला में तहसीलदार बीसी पंत, बीडीओ एमपी भट्ट सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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