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शीतकालीन ओलंपिक में चमका कफलोड़ी का जगदीश
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:33 PM IST
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कर्णप्रयाग। खेलो इंडिया नेशनल गेम्स के बाद अब चमोली जिले के युवा ने दक्षिण कोरिया में अपना परचम लहराया है। दक्षिण कोरिया के प्योंगचांग में चल रहे शीतकालीन ओलंपिक में चमोली जिले के गैरसैंण ब्लाक के कफलोड़ी गांव निवासी जगदीश रावत ने 15 किमी की फ्री क्रॉस कंट्री स्कीइंग दौड़ में 103वां स्थान प्राप्त किया है।
कफलोड़ी गांव निवासी स्व. शेर सिंह रावत सेना से रिटायर थे। स्व. शेर सिंह का बड़ा बेटा जगदीश रावत (26) करीब आठ साल पूर्व राजकीय इंटर कालेज नंदासैंण से ग्यारहवीं की पढ़ाई के दौरान चतुर्थ गढ़वाल राइफल में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए थे। शुरू से स्कीइंग में रुचि रखने वाले जगदीश ने यहां भी स्कीइंग खेलना जारी रखा। नंदासैंण के हरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि सेना से जब भी जगदीश घर छुट्टी आता है तो नंदासैंण से कर्णप्रयाग 30 किमी तक स्कीइंग का अभ्यास करता है। वर्ष 2016 में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता में जगदीश ने कांस्य पदक जीता था। तब सेना ने जगदीश को हवलदार पद पर प्रमोट किया। इन दिनों गुलमर्ग कश्मीर में तैनात जगदीश ने गत दिवस दक्षिण कोरिया में ओलंपिक में प्रतिभाग किया। हालांकि जगदीश ओलंपिक में पदक नहीं झटक सके, लेकिन उन्होंने प्रतियोगिता में 103वां स्थान प्राप्त किया है। गांव में रह रहे जगदीश के भाई संजय सिंह ने बताया कि जगदीश की सफलता से पूरा गांव और क्षेत्र खुश है।
कफलोड़ी गांव निवासी स्व. शेर सिंह रावत सेना से रिटायर थे। स्व. शेर सिंह का बड़ा बेटा जगदीश रावत (26) करीब आठ साल पूर्व राजकीय इंटर कालेज नंदासैंण से ग्यारहवीं की पढ़ाई के दौरान चतुर्थ गढ़वाल राइफल में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए थे। शुरू से स्कीइंग में रुचि रखने वाले जगदीश ने यहां भी स्कीइंग खेलना जारी रखा। नंदासैंण के हरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि सेना से जब भी जगदीश घर छुट्टी आता है तो नंदासैंण से कर्णप्रयाग 30 किमी तक स्कीइंग का अभ्यास करता है। वर्ष 2016 में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता में जगदीश ने कांस्य पदक जीता था। तब सेना ने जगदीश को हवलदार पद पर प्रमोट किया। इन दिनों गुलमर्ग कश्मीर में तैनात जगदीश ने गत दिवस दक्षिण कोरिया में ओलंपिक में प्रतिभाग किया। हालांकि जगदीश ओलंपिक में पदक नहीं झटक सके, लेकिन उन्होंने प्रतियोगिता में 103वां स्थान प्राप्त किया है। गांव में रह रहे जगदीश के भाई संजय सिंह ने बताया कि जगदीश की सफलता से पूरा गांव और क्षेत्र खुश है।
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