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पांच फरवरी को प्रजमं का बुद्धि शुद्धि यज्ञ
Updated Fri, 02 Feb 2018 10:37 PM IST
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श्रीनगर। शुद्ध पेयजल आपूर्ति, एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर का निर्माण और संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती की मांग के लिए आंदोलनरत प्रगतिशील जनमंच 5 फरवरी को बुद्धि शुद्धि यज्ञ करेगा।
शुक्रवार को प्रजमं की ओर से चलाए जा रहे धरने को 233 दिन हो गए। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया। कहा गया कि 5 फरवरी को बुद्धि शुद्धि यज्ञ के बाद आंदोलन की भावी रणनीति बनाई जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि एनआईटी के मुद्दे पर सरकार भ्रमित कर रही है। अभी तक स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई, वहीं श्रीनगर, श्रीकोट व पौड़ी में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए एएचपीसीएल वैकल्पिक पेयजल योजना का काम भी अधूरा छूटा हुआ है। सरकार श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही कंपनी से योजना निर्माण के लिए बजट की व्यवस्था कराने में असफल रही है। कंपनी झूठा वादा कर रही है और सरकार चुप्पी साधे बैठी है। सभा में विमला कोठियाल, बसंती जोशी, जरीना खातून, कौसर जहां, गायत्री थपलियाल, सरस्वती नौटियाल, सिद्धी पटवाल, रेशमा व विनोद ने विचार रखे।
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शुक्रवार को प्रजमं की ओर से चलाए जा रहे धरने को 233 दिन हो गए। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया। कहा गया कि 5 फरवरी को बुद्धि शुद्धि यज्ञ के बाद आंदोलन की भावी रणनीति बनाई जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि एनआईटी के मुद्दे पर सरकार भ्रमित कर रही है। अभी तक स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई, वहीं श्रीनगर, श्रीकोट व पौड़ी में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए एएचपीसीएल वैकल्पिक पेयजल योजना का काम भी अधूरा छूटा हुआ है। सरकार श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही कंपनी से योजना निर्माण के लिए बजट की व्यवस्था कराने में असफल रही है। कंपनी झूठा वादा कर रही है और सरकार चुप्पी साधे बैठी है। सभा में विमला कोठियाल, बसंती जोशी, जरीना खातून, कौसर जहां, गायत्री थपलियाल, सरस्वती नौटियाल, सिद्धी पटवाल, रेशमा व विनोद ने विचार रखे।
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