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पगडंडियों से तय कर रहे गांव की राह
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
नागथात।
क्षेत्र में दर्जनों गांवों की तीन हजार की आबादी के लिए सड़क नहीं बन पाई है। यहां के ग्रामीण आज भी पगडंडियों के जरिये संपर्क मार्गों तक पहुंचते हैं।
क्षेत्र के खंडीग, चुडऊ, कामला, मैसासा, चिला, गास्की, पिनगिरी, कैलाड़ा, गड़ेत, चिला, मसराड़ आदि गांवों में रहने वाले लोग सड़क के अभाव में पलायन कर गए।
इन गांवों से सैकड़ों युवा पलायन कर विकासनगर और आसपास के इलाकों में घर बना चुके हैं। सभी गांव 250 से अधिक आबादी वाले हैं, जहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क बनाए जानी थी लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इनमें गांव समरगैण संपर्क मार्ग से तीन किमी दूर है। कई गांव तो ऐसे हैं जो संपर्क मार्गों से छह किमी तक दूर हैं।
ग्रामीण सकरोल के परम सिंह, पिनगिरी के कलम सिंह का कहना है कि चुनाव के समय ही नेताओं को इन गांव के लिए सड़क की याद आती है। चुनाव जीतने के बाद कोई गांव की तरफ देखता तक नहीं है।
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गांवों का सर्वे कराया जाएगा। सभी गांव मानकों के पैमाने पर खरे उतरते हैं और को-नेटवर्क में आते हैं तो सभी को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
- राजेश कुमार, ईई, लोनिवि कालसी (पीएमजीएसवाई)
समरगैण संपर्क मार्ग से तीन किमी दूर मैसासा गांव।
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नागथात।
क्षेत्र में दर्जनों गांवों की तीन हजार की आबादी के लिए सड़क नहीं बन पाई है। यहां के ग्रामीण आज भी पगडंडियों के जरिये संपर्क मार्गों तक पहुंचते हैं।
क्षेत्र के खंडीग, चुडऊ, कामला, मैसासा, चिला, गास्की, पिनगिरी, कैलाड़ा, गड़ेत, चिला, मसराड़ आदि गांवों में रहने वाले लोग सड़क के अभाव में पलायन कर गए।
इन गांवों से सैकड़ों युवा पलायन कर विकासनगर और आसपास के इलाकों में घर बना चुके हैं। सभी गांव 250 से अधिक आबादी वाले हैं, जहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क बनाए जानी थी लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इनमें गांव समरगैण संपर्क मार्ग से तीन किमी दूर है। कई गांव तो ऐसे हैं जो संपर्क मार्गों से छह किमी तक दूर हैं।
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ग्रामीण सकरोल के परम सिंह, पिनगिरी के कलम सिंह का कहना है कि चुनाव के समय ही नेताओं को इन गांव के लिए सड़क की याद आती है। चुनाव जीतने के बाद कोई गांव की तरफ देखता तक नहीं है।
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गांवों का सर्वे कराया जाएगा। सभी गांव मानकों के पैमाने पर खरे उतरते हैं और को-नेटवर्क में आते हैं तो सभी को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
- राजेश कुमार, ईई, लोनिवि कालसी (पीएमजीएसवाई)
समरगैण संपर्क मार्ग से तीन किमी दूर मैसासा गांव।