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अंधविश्वास दूर करती है प्रज्ञा पुराण कथा
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:25 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। श्री हनुमान धाम में शनिवार को कलश यात्रा के साथ प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ हो गया। शांतिकुंज परिवार की ओर से आयोजित कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। गीता भवन से शुरू हुई कलश यात्रा श्री हनुमान धाम में पहुंच संपन्न हुई। बैंडबाजों के साथ निकली इस कलश यात्रा में 500 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे कथा वाचक विनय केसरी ने कहा कि प्रज्ञा पुराण ज्ञान की पावन अमृत धारा है। प्रज्ञा कथा श्रवण से अंधविश्वास और अज्ञानता मिटती है। ये कथा जीवन को श्रेष्ठ बनाती है। जो मनुष्य पाप मुक्त होना चाहता है। वह इस कथा का श्रवण करता है। गायत्री परिवार का उद्देश्य धर्म तंत्र की रक्षा है। जिसके चलते गायत्री परिवार ने प्रज्ञा पुराण कथा को अपनाया है। समाज में व्याप्त समस्याओं का निवारण महज प्रज्ञा पुराण से ही हो सकता है। इस मौके पर सुनीता धीमान, कमलेश, शीला थापा, भारती महावर, सरोज महावर, ऊषा पुंडीर, प्रज्ञा चौरसिया, कविता आदि मौजूद रहे।
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विकासनगर। श्री हनुमान धाम में शनिवार को कलश यात्रा के साथ प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ हो गया। शांतिकुंज परिवार की ओर से आयोजित कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। गीता भवन से शुरू हुई कलश यात्रा श्री हनुमान धाम में पहुंच संपन्न हुई। बैंडबाजों के साथ निकली इस कलश यात्रा में 500 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे कथा वाचक विनय केसरी ने कहा कि प्रज्ञा पुराण ज्ञान की पावन अमृत धारा है। प्रज्ञा कथा श्रवण से अंधविश्वास और अज्ञानता मिटती है। ये कथा जीवन को श्रेष्ठ बनाती है। जो मनुष्य पाप मुक्त होना चाहता है। वह इस कथा का श्रवण करता है। गायत्री परिवार का उद्देश्य धर्म तंत्र की रक्षा है। जिसके चलते गायत्री परिवार ने प्रज्ञा पुराण कथा को अपनाया है। समाज में व्याप्त समस्याओं का निवारण महज प्रज्ञा पुराण से ही हो सकता है। इस मौके पर सुनीता धीमान, कमलेश, शीला थापा, भारती महावर, सरोज महावर, ऊषा पुंडीर, प्रज्ञा चौरसिया, कविता आदि मौजूद रहे।