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सुमाड़ी के साथ ही जलेथा में होगा परिसर निर्माण
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:41 PM IST
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श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण को लेकर कुछ हद तक स्थिति साफ होती नजर आ रही है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के अनुसार, सुमाड़ी में चिह्नित भूमि में सिर्फ 50 एकड़ भूमि ही निर्माण के लिए उपयुक्त है। ऐसे में सुमाड़ी के साथ-साथ यहां से कुछ किलोमीटर दूर जलेथा में भूमि अधिग्रहीत कर वहां भी परिसर का निर्माण कराया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस प्लान को सहमति दे दी है।
एनआईटी के मुद्दे पर बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह ने मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की थी। बैठक में एनआईटी के निदेशक प्रो.एसएल सोनी को भी बुलाया गया था।
बैठक से लौटने के बाद धन सिंह ने फोन पर बताया कि कैंपस निर्माण पर किसी प्रकार का संदेह नहीं है। एक स्थान पर भूमि की अनुपलब्धता के कारण दो स्थानों में कैंपस निर्माण होगा।
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बैठक में चर्चा हुई कि जो जियोलॉजिकल सर्वेक्षण कराया गया था, उसमें सुमाड़ी की 200 एकड़ जमीन में से 50 एकड़ ही उपयुक्त पाई गई। यह जमीन भी एक स्थान के बजाय छितरी हुई है। केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि पहाड़ में एक स्थान पर इतनी भूमि मिलना मुश्किल है। इसलिए जलेथा गांव को चुना गया है। इसके अलावा कुछ भूमि वन विभाग की ली जा रही है। धन सिंह ने बताया कि बैठक में यह फाइनल हो गया कि दो स्थानों पर कैंपस निर्माण होगा।
एनआईटी के मुद्दे पर बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह ने मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की थी। बैठक में एनआईटी के निदेशक प्रो.एसएल सोनी को भी बुलाया गया था।
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बैठक से लौटने के बाद धन सिंह ने फोन पर बताया कि कैंपस निर्माण पर किसी प्रकार का संदेह नहीं है। एक स्थान पर भूमि की अनुपलब्धता के कारण दो स्थानों में कैंपस निर्माण होगा।
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बैठक में चर्चा हुई कि जो जियोलॉजिकल सर्वेक्षण कराया गया था, उसमें सुमाड़ी की 200 एकड़ जमीन में से 50 एकड़ ही उपयुक्त पाई गई। यह जमीन भी एक स्थान के बजाय छितरी हुई है। केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि पहाड़ में एक स्थान पर इतनी भूमि मिलना मुश्किल है। इसलिए जलेथा गांव को चुना गया है। इसके अलावा कुछ भूमि वन विभाग की ली जा रही है। धन सिंह ने बताया कि बैठक में यह फाइनल हो गया कि दो स्थानों पर कैंपस निर्माण होगा।