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चित्रकला में एसजीआरआर की आस्था रही प्रथम
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:33 PM IST
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आदिबदरी। मंदिर परिसर में चल रहे महाभिषेक समारोह एवं पर्यटन मेले के चौथे दिन स्कूली बच्चों ने धार्मिक लोक संस्कृति के रंग बिखेरे। लोक नृत्य प्रतियोगिता में जहां एसजीआरआर और ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे, वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में एसजीआरआर की आस्था कठैत ने प्रथम स्थान हासिल किया।
बुधवार को मंदिर परिसर में धार्मिक लोक नृत्यों की प्रतियोगिता में एसजीआरआर की बालिकाओं की ओर से प्रस्तुत दैंणां ह्वे जाया मेरि मैतुड़ा की देवी... और ज्ञानोदय की छात्राओं की ओर से प्रस्तुत चला नौ रातों की देवी... नृत्य पर दर्शक खूब झूमे। दोनों विद्यालयों ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि राजकीय इंटर कालेज की छात्राओं की ओर से प्रस्तुत चैता की चैत्वालि... के लिए दूसरा और कै संध्या झूली रे भगवान को... की प्रस्तुति पर प्राथमिक विद्यालय आदिबदरी ने तीसरा स्थान हासिल किया। चित्रकला प्रतियोगिता में एसजीआरआर के आस्था कठैत को प्रथम और इसी विद्यालय की अवंतिका कनवासी को द्वितीय तथा ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल की नेहा बहुगुणा को तीसरा स्थान मिला। एसजीआरआर के वरुण बहुगुणा के एकल नृत्य ने भी लोगों का खूब मनोरंजन किया। इस अवसर पर अनीता सती, ऊषा मैखुरी, ममता कुंवर, किरन कठैत, सरिता नौटियाल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बलवंत नेगी ने किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने सबका धन्यवाद दिया। वहीं मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य सोहन प्रसाद खंडूड़ी ने मनु के वंशों के बारे में बताया। कहा कि मनुष्य जीवन में अभिमान करना भी पाप के समान है। दक्ष के अभिमान ने दक्ष को दारुण दुख दिया। अभिमान और अहंकार मनुष्य का परम शत्रु है।
बुधवार को मंदिर परिसर में धार्मिक लोक नृत्यों की प्रतियोगिता में एसजीआरआर की बालिकाओं की ओर से प्रस्तुत दैंणां ह्वे जाया मेरि मैतुड़ा की देवी... और ज्ञानोदय की छात्राओं की ओर से प्रस्तुत चला नौ रातों की देवी... नृत्य पर दर्शक खूब झूमे। दोनों विद्यालयों ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि राजकीय इंटर कालेज की छात्राओं की ओर से प्रस्तुत चैता की चैत्वालि... के लिए दूसरा और कै संध्या झूली रे भगवान को... की प्रस्तुति पर प्राथमिक विद्यालय आदिबदरी ने तीसरा स्थान हासिल किया। चित्रकला प्रतियोगिता में एसजीआरआर के आस्था कठैत को प्रथम और इसी विद्यालय की अवंतिका कनवासी को द्वितीय तथा ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल की नेहा बहुगुणा को तीसरा स्थान मिला। एसजीआरआर के वरुण बहुगुणा के एकल नृत्य ने भी लोगों का खूब मनोरंजन किया। इस अवसर पर अनीता सती, ऊषा मैखुरी, ममता कुंवर, किरन कठैत, सरिता नौटियाल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बलवंत नेगी ने किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने सबका धन्यवाद दिया। वहीं मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य सोहन प्रसाद खंडूड़ी ने मनु के वंशों के बारे में बताया। कहा कि मनुष्य जीवन में अभिमान करना भी पाप के समान है। दक्ष के अभिमान ने दक्ष को दारुण दुख दिया। अभिमान और अहंकार मनुष्य का परम शत्रु है।
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