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डामरीकरण घोटाले में लीपापोती में जुटा विभाग
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:36 PM IST
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देवाल। रैन-पलबरा मोटर मार्ग में डामरीकरण में 28 लाख 88 हजार के घोटाले में अब विभाग लीपापोती में जुट गया है। जांच टीम को लोनिवि की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों में 28 लाख 88 का व्यय पेट्रोल, डीजल, सहित लोनिवि के भवनों के मरम्मत कार्य करना दिखाया गया है, जबकि सूचना के अधिकार में विभाग ने इस मार्ग पर 1700 मीटर डामर में यह भुगतान दिखाया है।
वर्ष 2010-11 में लोनिवि थराली को रैन-पलबरा मोटर मार्ग के डामरीकरण के लिए 35 लाख 70 हजार रुपये मिले। विभाग ने 1700 मीटर डामर दिखाकर 28 लाख 88 हजार रुपये खर्च दिखा दिया जबकि इस मार्ग पर कभी भी डामर नहीं बिछाया गया। सूचना के अधिकार के तहत ग्रामीणों की ओर से इसकी जानकारी मांगने पर विभाग की ओर से वर्ष 2010 में 1700 मीटर डामरीकरण में 28 लाख 88 हजार रुपये खर्च बताया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने इसकी जांच नायब तहसीलदार ओमवीर और ग्रामीण निर्माण विभाग के एई रफद अली खान को दी गई। जांच अधिकारी ने जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपने की बात कही थी, लेकिन नायब तहसीलदार ओमवीर अब अभी कुछ और बिल वाउचर देखने की बात कह रहे हैं, जबकि सभी दस्तावेज एई के पास हैं। वहीं निर्माण विभाग के एई रफद अली खान ने बताया कि लोनिवि की ओर से 28 लाख 88 हजार के बिल वाउचर दिए गए हैं, जिसमें पेट्रोल, डीजल खरीद, लोनिवि भवन की मरम्मत और अन्य रोड पर मरम्मत कार्य दिखाया गया है। मामले में पूरी जांच की जा रही है। दूसरी ओर लोनिवि के अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
वर्ष 2010-11 में लोनिवि थराली को रैन-पलबरा मोटर मार्ग के डामरीकरण के लिए 35 लाख 70 हजार रुपये मिले। विभाग ने 1700 मीटर डामर दिखाकर 28 लाख 88 हजार रुपये खर्च दिखा दिया जबकि इस मार्ग पर कभी भी डामर नहीं बिछाया गया। सूचना के अधिकार के तहत ग्रामीणों की ओर से इसकी जानकारी मांगने पर विभाग की ओर से वर्ष 2010 में 1700 मीटर डामरीकरण में 28 लाख 88 हजार रुपये खर्च बताया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने इसकी जांच नायब तहसीलदार ओमवीर और ग्रामीण निर्माण विभाग के एई रफद अली खान को दी गई। जांच अधिकारी ने जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपने की बात कही थी, लेकिन नायब तहसीलदार ओमवीर अब अभी कुछ और बिल वाउचर देखने की बात कह रहे हैं, जबकि सभी दस्तावेज एई के पास हैं। वहीं निर्माण विभाग के एई रफद अली खान ने बताया कि लोनिवि की ओर से 28 लाख 88 हजार के बिल वाउचर दिए गए हैं, जिसमें पेट्रोल, डीजल खरीद, लोनिवि भवन की मरम्मत और अन्य रोड पर मरम्मत कार्य दिखाया गया है। मामले में पूरी जांच की जा रही है। दूसरी ओर लोनिवि के अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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