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आयोग की सदस्य ने एम्स की प्रगति का लिया जायजा
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:28 AM IST
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अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य पहुंची एम्स
-- कर्मचारियों के लिए वैधानिक प्रावधानों का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश । सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डा. स्वराज विद्वान ने एम्स संस्थान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन से संस्थान की प्रगति की जानकारी ली व संस्थान में अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के लिए वैधानिक प्रावधानों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए केंद्र व अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया।
एम्स प्रशासन ने बताया कि संस्थान का वेलफेयर सेल उक्त योजनाओं की मॉनिटरिंग करता है। एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने बताया कि संस्थान में सुपरस्पेसियलिटी पदों पर आरक्षण लागू करने में दिक्कतें आ रही हैं। सुपरस्पेसियलिटी में डीएम-एमसीएच की पढ़ाई में आरक्षण नहीं है, लिहाजा पद खाली रहने पर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है। इस दौरान संस्थान के उप निदेशक अंशुमान गुप्ता ने आयोग की सदस्य डा. स्वराज से अनुसूचित जाति जनजाति के छात्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही छात्रवृत्ति व अन्य योजनाओं की जानकारी ली। इस मौके पर डा. सुरेखा किशोर, डा. बिजेंद्र सिंह, धनप्रकाश लखेड़ा, जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल आदि मौजूद थे।
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-- कर्मचारियों के लिए वैधानिक प्रावधानों का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश । सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डा. स्वराज विद्वान ने एम्स संस्थान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन से संस्थान की प्रगति की जानकारी ली व संस्थान में अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के लिए वैधानिक प्रावधानों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए केंद्र व अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया।
एम्स प्रशासन ने बताया कि संस्थान का वेलफेयर सेल उक्त योजनाओं की मॉनिटरिंग करता है। एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत ने बताया कि संस्थान में सुपरस्पेसियलिटी पदों पर आरक्षण लागू करने में दिक्कतें आ रही हैं। सुपरस्पेसियलिटी में डीएम-एमसीएच की पढ़ाई में आरक्षण नहीं है, लिहाजा पद खाली रहने पर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है। इस दौरान संस्थान के उप निदेशक अंशुमान गुप्ता ने आयोग की सदस्य डा. स्वराज से अनुसूचित जाति जनजाति के छात्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही छात्रवृत्ति व अन्य योजनाओं की जानकारी ली। इस मौके पर डा. सुरेखा किशोर, डा. बिजेंद्र सिंह, धनप्रकाश लखेड़ा, जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल आदि मौजूद थे।
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