{"_id":"5a5d01934f1c1b76268b4881","slug":"15160448762-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में कई पर आएगी आंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में कई पर आएगी आंच
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, त्यूनी। ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखंड देहरादून के अधिकारियों के दावे के बाद त्यूनी तहसील के ग्राम हनोल में तहसील प्रशासन द्वारा बंजर भूमि को एक व्यक्ति विशेष के नाम विनियमितीकरण के मामले में तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है।
सर्वे के दौरान सरकारी अभिलेखों में इस भूमि को बंजर दर्शाया गया, लेकिन उस व्यक्ति के प्रभाव में आकर तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने भूमि को सर्वे के बाद मुआवजा हड़पने के लिए व्यक्ति विशेष के नाम दर्ज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए गढ़वाल मंडलायुक्त दिलीप जावलकर ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच के आदेश दिए हुए हैं। वहीं मामला मुख्यमंत्री दरबार में भी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी हेमचंद भट्ट ने बताया कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। इस संबंध में गढ़वाल आयुक्त से रिपोर्ट तलब की गई है।
बता दें कि मामले की शिकायत हनोल निवासी संगीता देवी ने मुख्यमंत्री, मंडल आयुक्त के साथ ही जिलाधिकारी से की थी। महिला का दावा है कि निर्माणाधीन हनोल-भ्यूलाड़ा मोटर मार्ग का मुआवजा हड़पने के लिए उस भूमि को राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से एक व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने उस खसरा नंबर को भी एक व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया, जिस पर उनका मकान बना हुआ है। उन्होंने दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही उस व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, मामला प्रकाश में आने के बाद ग्रामीण निर्माण विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया रोक दी है। मामले में अधिकारियों ने उपजिलाधिकारी त्यूनी को पत्र लिख कर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है।
कोट :
मामले में डीएम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। यदि जांच रिपोर्ट में किसी अधिकारी और कर्मचारी की भूमिका प्रकाश में आई तो उसे बक्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- दिलीप जावलकर, गढ़वाल मंडल आयुक्त
विज्ञापन
सर्वे के दौरान सरकारी अभिलेखों में इस भूमि को बंजर दर्शाया गया, लेकिन उस व्यक्ति के प्रभाव में आकर तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने भूमि को सर्वे के बाद मुआवजा हड़पने के लिए व्यक्ति विशेष के नाम दर्ज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए गढ़वाल मंडलायुक्त दिलीप जावलकर ने जिलाधिकारी को विस्तृत जांच के आदेश दिए हुए हैं। वहीं मामला मुख्यमंत्री दरबार में भी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी हेमचंद भट्ट ने बताया कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। इस संबंध में गढ़वाल आयुक्त से रिपोर्ट तलब की गई है।
विज्ञापन
बता दें कि मामले की शिकायत हनोल निवासी संगीता देवी ने मुख्यमंत्री, मंडल आयुक्त के साथ ही जिलाधिकारी से की थी। महिला का दावा है कि निर्माणाधीन हनोल-भ्यूलाड़ा मोटर मार्ग का मुआवजा हड़पने के लिए उस भूमि को राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से एक व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने उस खसरा नंबर को भी एक व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया, जिस पर उनका मकान बना हुआ है। उन्होंने दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ ही उस व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, मामला प्रकाश में आने के बाद ग्रामीण निर्माण विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया रोक दी है। मामले में अधिकारियों ने उपजिलाधिकारी त्यूनी को पत्र लिख कर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है।
कोट :
मामले में डीएम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। यदि जांच रिपोर्ट में किसी अधिकारी और कर्मचारी की भूमिका प्रकाश में आई तो उसे बक्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- दिलीप जावलकर, गढ़वाल मंडल आयुक्त